{"_id":"5d1667388ebc3e3c7d7ff11f","slug":"accident-in-sahjanwa-gorakhpur-city-news-gkp3118545131","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाय की दुकान में घुसी बस, बच्चे समेत दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाय की दुकान में घुसी बस, बच्चे समेत दो की मौत
विज्ञापन
सहजनवां में हादसा
- फोटो : amar ujala
फोटो
चाय की दुकान में घुसी बस, छात्र समेत दो की मौत
एक घायल, ग्रामीणों ने बस पर किया पथराव, सड़क जाम
सहजनवां के देईपार में शुक्रवार की सुबह हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरौली (गोरखपुर)। सहजनवां इलाके के जैतपुर-बोक्टा मार्ग स्थित देईपार चौराहे पर शुक्रवार की सुबह करीब 7.30 बजे एक अनियंत्रित प्राइवेट बस चाय की दुकान में जा घुसी। हादसे में दुकान के पास खड़े आठ वर्षीय छात्र गौतम पासवान और उमेश (40) की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक विशाल घायल हो गया। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बस पर पथराव कर सड़क जाम कर दी। सूचना पर पहुंचे स्थानीय विधायक शीतल पांडेय और तहसीलदार ने कार्रवाई, स्पीड ब्रेकर बनवाने का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देईपार निवासी हरिश्चंद्र मौर्य की चौराहे पर चाय की दुकान है। शुक्रवार की सुबह कई लोग चाय की दुकान के पास खड़े थे। इसी बीच जैतपुर की तरफ से आ रही प्राइवेट बस बाइक सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गई और चाय की दुकान में जा घुसी। पास में खड़े उमेश, गौतम और विशाल बस की चपेट में आ गए। उमेश की मौके पर मौत हो गई जबकि गौतम ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया। उधर, घटना से नाराज लोगों ने बस पर पथराव किया तो परिचालक फरार हो गया। चालक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस को थाने में खड़ा करा दिया है।
चार बच्चों के पिता थे उमेश
मूल रूप से बांसगांव के रहने वाले उमेश पिछले तीन वर्ष से पत्नी और चार बच्चों के साथ किराए पर कमरा लेकर देईपार चौराहे पर रहते थे। वह गीडा स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। उमेश ने काम जल्दी निपटाकर घर आने और छोटे बेटे को बाजार ले जाकर घुमाने का भरोसा दिलाया था। घर से निकलने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत की खबर परिजनों को मिल गई। उमेश की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
चौथी का छात्र था गौतम
गौतम पासवान देईपार चौराहा स्थित एसएसडी कान्वेंट स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ता था। शुक्रवार को वह स्कूल जाने के लिए निकला था। गौतम के पिता हरिप्रसाद मजदूरी करते हैं। गौतम पांच भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई की शादी हो चुकी है। अन्य भाई भी पढ़ते हैं। गौतम की मौत की खबर पाकर उसके घर पर मातम छा गया।
विज्ञापन
चाय की दुकान में घुसी बस, छात्र समेत दो की मौत
एक घायल, ग्रामीणों ने बस पर किया पथराव, सड़क जाम
सहजनवां के देईपार में शुक्रवार की सुबह हुआ हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरौली (गोरखपुर)। सहजनवां इलाके के जैतपुर-बोक्टा मार्ग स्थित देईपार चौराहे पर शुक्रवार की सुबह करीब 7.30 बजे एक अनियंत्रित प्राइवेट बस चाय की दुकान में जा घुसी। हादसे में दुकान के पास खड़े आठ वर्षीय छात्र गौतम पासवान और उमेश (40) की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक विशाल घायल हो गया। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बस पर पथराव कर सड़क जाम कर दी। सूचना पर पहुंचे स्थानीय विधायक शीतल पांडेय और तहसीलदार ने कार्रवाई, स्पीड ब्रेकर बनवाने का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देईपार निवासी हरिश्चंद्र मौर्य की चौराहे पर चाय की दुकान है। शुक्रवार की सुबह कई लोग चाय की दुकान के पास खड़े थे। इसी बीच जैतपुर की तरफ से आ रही प्राइवेट बस बाइक सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गई और चाय की दुकान में जा घुसी। पास में खड़े उमेश, गौतम और विशाल बस की चपेट में आ गए। उमेश की मौके पर मौत हो गई जबकि गौतम ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया। उधर, घटना से नाराज लोगों ने बस पर पथराव किया तो परिचालक फरार हो गया। चालक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस को थाने में खड़ा करा दिया है।
विज्ञापन
चार बच्चों के पिता थे उमेश
मूल रूप से बांसगांव के रहने वाले उमेश पिछले तीन वर्ष से पत्नी और चार बच्चों के साथ किराए पर कमरा लेकर देईपार चौराहे पर रहते थे। वह गीडा स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। उमेश ने काम जल्दी निपटाकर घर आने और छोटे बेटे को बाजार ले जाकर घुमाने का भरोसा दिलाया था। घर से निकलने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत की खबर परिजनों को मिल गई। उमेश की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
चौथी का छात्र था गौतम
गौतम पासवान देईपार चौराहा स्थित एसएसडी कान्वेंट स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ता था। शुक्रवार को वह स्कूल जाने के लिए निकला था। गौतम के पिता हरिप्रसाद मजदूरी करते हैं। गौतम पांच भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई की शादी हो चुकी है। अन्य भाई भी पढ़ते हैं। गौतम की मौत की खबर पाकर उसके घर पर मातम छा गया।