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मेडिकल कॉलेज में बनेगा ‘आशा ज्योति केंद्र’
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 08:55 PM IST
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जघन्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में ‘आशा ज्योति केंद्र’ बनाने की तैयारी की जा रही है। रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के तहत पांच करोड़ की लागत से बनने वाले इस केंद्र के निर्माण की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बुधवार को डीएम ओएन सिंह ने जिला प्रोवेशन अधिकारी के साथ मौके का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
जिला प्रोवेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने बताया कि पांच करोड़ की लागत से 500 मीटर वर्ग के दायरे में बनने वाले इस केंद्र का निर्माण हर हाल में वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करना है। प्रस्तावित मानचित्र और तय मानक के अनुरूप कार्य की स्थिति जानने के लिए यह प्रशासनिक दौरा हुआ। उन्होंने बताया कि इस केंद्र से तय धाराओं के तहत पीड़ित महिलाओं के परिवार को दस लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही पीड़ित महिलाओं को सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उनकी काउंसिलिंग भी की जाएगी।
इस योजना में शासन की मंशा पीड़िता को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिन नौ धाराओं में यह सहायता दी जानी है, उनमें एसिड अटैक, दहेज हत्या (यदि बच्चे हों तो), गैंगरेप, बलात्कार से मृत्यु या कोमा में जाने पर, पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल हैं। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्र, एसआईसी प्रो. राम कुमार, प्रो. सतीश कुमार, राजकीय निर्माण निगम इकाई के प्रभारी एके शुक्ला, अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव आदि भी उपस्थित थे।
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केंद्र में मिलेंगी ये सुविधाएं
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जिला प्रोवेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज ने बताया कि पांच करोड़ की लागत से 500 मीटर वर्ग के दायरे में बनने वाले इस केंद्र का निर्माण हर हाल में वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करना है। प्रस्तावित मानचित्र और तय मानक के अनुरूप कार्य की स्थिति जानने के लिए यह प्रशासनिक दौरा हुआ। उन्होंने बताया कि इस केंद्र से तय धाराओं के तहत पीड़ित महिलाओं के परिवार को दस लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही पीड़ित महिलाओं को सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उनकी काउंसिलिंग भी की जाएगी।
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इस योजना में शासन की मंशा पीड़िता को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिन नौ धाराओं में यह सहायता दी जानी है, उनमें एसिड अटैक, दहेज हत्या (यदि बच्चे हों तो), गैंगरेप, बलात्कार से मृत्यु या कोमा में जाने पर, पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल हैं। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्र, एसआईसी प्रो. राम कुमार, प्रो. सतीश कुमार, राजकीय निर्माण निगम इकाई के प्रभारी एके शुक्ला, अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव आदि भी उपस्थित थे।
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केंद्र में मिलेंगी ये सुविधाएं
- आशा ज्योति केंद्र की सुविधाएं
- हेल्प लाइन समन्वय सेल (1090, 1098 और 108 सेवा)
- पुलिस रिपोर्टिंग सेल (महिला थाना रिपोर्टिंग चौकी)
- चिकित्सा सहायता सेल
- ट्रॉमा काउंसिलिंग सेल
- कानून सहायता सेल
- पूर्ण शक्ति केंद्र
- बैंकिंग सुविधा
- क्रेच सुविधा
- अध्ययन कक्ष/लघु पुस्तकालय
- प्रशिक्षण हाल