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इलाहाबाद बैंक में संदिग्ध के पकड़े जाने से सनसनी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 18 Dec 2016 01:40 AM IST
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संदिग्ध (बीच में) को पकड़ के ले जाती पुलिस।
गलत पते के केवाईसी से खाता खुलवाकर कालाधन खपाने की कोशिश के संकेत मिलने पर शनिवार को इलाहाबाद बैंक से कैंट थाने तक अफरा-तफरी मची रही। पकड़े गए शख्स को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, जहां उसने लालच में खाता खुलवाने की बात स्वीकार की। मगर शाम होने तक बैंक ही कार्रवाई से पीछे हट गया और गलत पते को मामूली बात बताते हुए सही पता दर्ज कर लेने की दलील देते हुए तहरीर नहीं दी। देर शाम तक युवक हिरासत में था।
शनिवार की दोपहर 12 बजे के करीब सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद बैंक में एक शख्स को मैनेजर ने पकड़ लिया। दो महीने पहले उसने बैंक में एकाउंट खुलवाया था और नोटबंदी के बाद कई बार धन की निकासी कर चुका था। बैंक मैनेजर ने पूछताछ की तो उसने अपना पता बड़हलगंज बताया, जबकि केवाईसी के लिए लगाए गए दस्तावेज में मोहद्दीपुर दर्ज था। शक होने पर मैनेजर ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। कैंट पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि गांव के पास के ही रहने वाले एक शख्स के कहने पर उसने खाता खुलवाया था और उसी के कहने पर नोटबंदी के बाद से धन निकाल रहा था।
पूछताछ में उसने रुपये कहां से आ रहे थे, इस बारे में कुछ नहीं बताया, जिसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और बैंक से तहरीर का इंतजार करने लगी। देर शाम तक बैंक की ओर से तहरीर नहीं दी गई। उधर, बैंक मैनेजर ने बताया कि उसने केवाईसी में गलत पता दिया था, जो अब सही हो गया है। भविष्य में कोई धोखाधड़ी समाने आई तो कार्रवाई की जाएगी। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि युवक को थाने पूछताछ के लिए लाया गया था, तहरीर मिली तो कार्रवाई होगी।
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शनिवार की दोपहर 12 बजे के करीब सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद बैंक में एक शख्स को मैनेजर ने पकड़ लिया। दो महीने पहले उसने बैंक में एकाउंट खुलवाया था और नोटबंदी के बाद कई बार धन की निकासी कर चुका था। बैंक मैनेजर ने पूछताछ की तो उसने अपना पता बड़हलगंज बताया, जबकि केवाईसी के लिए लगाए गए दस्तावेज में मोहद्दीपुर दर्ज था। शक होने पर मैनेजर ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। कैंट पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि गांव के पास के ही रहने वाले एक शख्स के कहने पर उसने खाता खुलवाया था और उसी के कहने पर नोटबंदी के बाद से धन निकाल रहा था।
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पूछताछ में उसने रुपये कहां से आ रहे थे, इस बारे में कुछ नहीं बताया, जिसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और बैंक से तहरीर का इंतजार करने लगी। देर शाम तक बैंक की ओर से तहरीर नहीं दी गई। उधर, बैंक मैनेजर ने बताया कि उसने केवाईसी में गलत पता दिया था, जो अब सही हो गया है। भविष्य में कोई धोखाधड़ी समाने आई तो कार्रवाई की जाएगी। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि युवक को थाने पूछताछ के लिए लाया गया था, तहरीर मिली तो कार्रवाई होगी।
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