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बिना डिग्री इलाज करते पकड़ा गया शख्स
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 22 Sep 2016 08:56 PM IST
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फर्जी डाक्टर
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बेलघाट इलाके में मेडिकल स्टोर की आड़ में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की तो सच सामने आ गया। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तो था मगर न तो डॉक्टर के पास डिगी थी और न ही क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन था। क्लीनिक में सात की संख्या में महिला और पुरुष मरीज मौजूद थे। टीम ने तत्काल डॉक्टरी पेशे में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों को सीज कर दिया। अब झोलाछाप डॉक्टर पर केस की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप डॉक्टर की शिकायत मिली थी। बृहस्पतिवार को बेलघाट स्थित मानस मेडिकल स्टोर पर टीम पहुंच गई। एडिशनल सीएमओ डॉ. एसके पांडेय, शोध अधिकारी सुधांशु श्रीवास्तव, हेल्थ सुपरवाइजर केके श्रीवास्तव क्लीनिक पर पहुंचे तो वहां पर सात की संख्या में मरीज भी मौजूद थे। मरीजों से टीम ने वार्ता कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया। इतने में फर्जी डॉक्टर के सहयोगी आ गए। जब उसे पता चला तो वह भाग गए। डॉक्टर से डिग्री आदि मांगा गया तो कुछ नहीं दे पाए। फर्जी डॉक्टर की पुष्टि होने के बाद टीम ने उपकरणों को सीज कर दिया। टीम अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेंगी। जिसके बाद मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप डॉक्टर की शिकायत मिली थी। बृहस्पतिवार को बेलघाट स्थित मानस मेडिकल स्टोर पर टीम पहुंच गई। एडिशनल सीएमओ डॉ. एसके पांडेय, शोध अधिकारी सुधांशु श्रीवास्तव, हेल्थ सुपरवाइजर केके श्रीवास्तव क्लीनिक पर पहुंचे तो वहां पर सात की संख्या में मरीज भी मौजूद थे। मरीजों से टीम ने वार्ता कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया। इतने में फर्जी डॉक्टर के सहयोगी आ गए। जब उसे पता चला तो वह भाग गए। डॉक्टर से डिग्री आदि मांगा गया तो कुछ नहीं दे पाए। फर्जी डॉक्टर की पुष्टि होने के बाद टीम ने उपकरणों को सीज कर दिया। टीम अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेंगी। जिसके बाद मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।
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