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समय से नहीं आए डॉक्टर, निराश लौटे मिर्गी के मरीज
Gorakhpur
Updated Sat, 15 Nov 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। लाइफ लाइन एक्सप्रेस में इलाज कराने आए मिर्गी के मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। डॉक्टर के समय से नहीं पहुंचने के कारण शाम पांच बजे तक मरीजों की जांच नहीं हो सकी। गोरखपुर एवं आसपास के करीब 70 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं रेलवे अस्पताल में आंख के 780 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ तथा 150 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयन किया गया।
लाइफ लाइन एक्सप्रेस में शुक्रवार और शनिवार को मिर्गी के मरीजों की जांच होनी थी। शुक्रवार सुबह नौ बजे मरीज रेलवे परिसर में लगे लाइफ लाइन एक्सप्रेस के कैंप में पहुंचे तो उनसे बताया गया कि डॉ. अब तक लखनऊ से नहीं आ पाए हैं। दोपहर बाद मरीजों को देखा जाएगा। मरीज कैंप में ही डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगे। शाम चार बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे तो बहुत से मरीज निराश होकर वापस लौट गए। जो मरीज शहर के बाहर से आए थे, कैंप में ही बैठे रहे। गोपालगंज से आए ऋषिदेव मिश्रा और राकेश कुमार ने बताया कि सुबह नौ बजे ही वे स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन डॉक्टर शाम तक नहीं आए। रजिस्ट्रेशन का काम कर रहे राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसी कारणवश डॉक्टर को लखनऊ से आने में विलंब हो गया। शाम सवा पांच बजे वह आ गए। उन्होंने बताया कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस में 20 मरीजों के कान के ऑपरेशन किए गए।
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लाइफ लाइन एक्सप्रेस में शुक्रवार और शनिवार को मिर्गी के मरीजों की जांच होनी थी। शुक्रवार सुबह नौ बजे मरीज रेलवे परिसर में लगे लाइफ लाइन एक्सप्रेस के कैंप में पहुंचे तो उनसे बताया गया कि डॉ. अब तक लखनऊ से नहीं आ पाए हैं। दोपहर बाद मरीजों को देखा जाएगा। मरीज कैंप में ही डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगे। शाम चार बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे तो बहुत से मरीज निराश होकर वापस लौट गए। जो मरीज शहर के बाहर से आए थे, कैंप में ही बैठे रहे। गोपालगंज से आए ऋषिदेव मिश्रा और राकेश कुमार ने बताया कि सुबह नौ बजे ही वे स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन डॉक्टर शाम तक नहीं आए। रजिस्ट्रेशन का काम कर रहे राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसी कारणवश डॉक्टर को लखनऊ से आने में विलंब हो गया। शाम सवा पांच बजे वह आ गए। उन्होंने बताया कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस में 20 मरीजों के कान के ऑपरेशन किए गए।
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