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तीन माह बाद बबिता को मिला बेटा

Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। गुलरिहा के जमुनहिया से तीन माह पहले बेचे गए दो साल के बच्चे को पुलिस ने बरामद करा दिया है। पिछले दिनों पिता द्वारा गांव के ही दो लोगों की मदद से बच्चे को 20 हजार रुपये में बेचने का मामला सामने आया था। मंगलवार को केरल के अर्नाकुलम के रहने वाले दंपति ने गुलरिहा थाने पहुंचकर बच्चे को उसकी मां को सौंप दिया। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी (सिटी) ने विधिक सलाह मांगी है।
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गोरखनाथ, शास्त्रीनगर की रहने वाली बबिता ने जमुनहिया गांव के रंजीत से तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। इनके दो साल का एक बेटा सुंदर है। रंजीत नशे का आदी है। तीन माह पहले झगड़ा होने पर उसने बबिता की पिटाई कर दी थी। बच्चे को ससुराल में छोड़कर बबिता मायके चली आई थी। 10 दिन तक देखभाल करने के बाद रंजीत ने गांव में रहने वाली महिला इंद्रासनी उसके भाई जयराम के जरिए बच्चे को 20 हजार रुपये में अर्नाकुलम में रहने वाले दंपति जोंस वर्गिस और लिसी जोंस को बेच दिया था। 18 अगस्त को 100 रुपये के स्टांप पर रंजीत से बयानहल्फी लेने के बाद दंपति बच्चे को लेकर चले गए थे। 16 सितंबर को बबिता सुसराल आई तो सुंदर के बारे में पति से पूछताछ की तो उसने बेचने की जानकारी दी। बबिता ने एसपी (सिटी) को प्रार्थनापत्र देकर बेटे को वापस दिलाने की मांग की थी। पुलिस के दबाव बनाने पर मंगलवार को अर्नाकुलम से दंपति सुंदर को लेकर गोरखपुर पहुंचे। एसपी (सिटी) के निर्देश पर बच्चा बबिता को सुपुर्द कर दिया गया।
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बच्चे का नाम बदल दिया था
गोरखपुर से सुंदर को अर्नाकुलम ले जाने के बाद जोंस वर्गिस और लिसी ने उसका नाम जोंस सुंदर रखा था। दंपति के वकील संजय प्रकाश ने एसपी (सिटी) को बताया कि बच्चे की खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। जोंस दंपति रंजीत की सहमति से पालन पोषण करने ले गए थे। रंजीत ने बच्चे की देखभाल करने में असमर्थता जाहिर की थी।
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सायमन ने कराई थी डील
शास्त्री नगर के रहने वाले सायमन और अब्राहम धर्म प्रचार के सिलसिले में जमुनहिया गांव जाते थे। इंद्रासनी और उसके भाई जयराम उनके परिचित थे। रंजीत से 20 हजार रुपये में बच्चा लेने के बाद सायमन ने जोंस वर्गिस को अगस्त में गोरखपुर बुलाया था। बेटे के करोड़पति परिवार में जाने की बात बताकर सायमन ने रंजीत से बयानहल्फी लेकर सुपुर्दगीनामा लिखवाया था। रंजीत ने बताया कि जिन लोगों को बच्चा दिया था सायमन उन लोगों को अपना रिश्तेदार बताया था।
थानेदार के न सुनने पर पहुंची थी पुलिस आफिस
गुलरिहा के तत्कालीन थानेदार के न सुनने पर बबिता ने एसपी (सिटी) सत्येंद्र कुमार को प्रार्थना पत्र देकर पीड़ा सुनाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को आरोपियों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था। एसओ अजय ओझा के दबाव बनाने पर मंगलवार को अर्नाकुलम से जोंस वर्गिस पत्नी के साथ बच्चा लेकर थाने पहुंचे। मंगलवार को दोनों पक्षों के लोग पुलिस आफिस आए थे।

बच्चे को गलत तरीके से केरल के दंपति अपने साथ ले गए थे। बिना मां की सहमति से यह लोग पिता से बयानहल्फी लेकर साथ ले गए थे। बच्चे के खरीद-फरोख्त करने की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विधिक सलाह मांगी है।
-सत्येंद्र कुमार एसपी (सिटी)
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