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गलती कॉलेज और यूनिवर्सिटी की, भुगत रहे विद्यार्थी

Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। करीब 80 डिग्री कॉलेजों की यूनिवर्सिटी में फीस जमा न होने के चलते 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों का रिजल्ट अधर में पड़ गया है। करोड़ों की बकाएदारी वसूलने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कॉलेजों की सूची बनाई है। अब उनके खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी है। दरअसल, सत्र नियमित करने के चक्कर में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी कॉलेजों की परीक्षाएं करा दीं। जिन कॉलेजों ने फीस नहीं जमा की थी उन्हें भी परीक्षा में शामिल कर लिया गया। अगर पहले ही सख्ती बरती गई होती तो यह नौबत ही नहीं आती।
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सूत्रों के मुताबिक यूनिवर्सिटी प्रशासन फीस बकाए की इस समस्या को 26 तारीख को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में भी रखने की तैयारी में है। बैठक में इस दायरे में आने वाले कॉलेजों की सम्बद्घता स्थगित करने पर भी विचार किया जाएगा जिससे आगे आने वाले समय में कोई भी कॉलेज फीस जमा करने के लिए तय समय-सीमा का ध्यान रखे। उधर, कॉलेज प्रबंधन इसे लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को दोषी मान रहे हैं। उनका मानना है कि फीस जमा करने में आई दिक्कत के पीछे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से त्रुटिपूर्ण चालान निकलना है। कई कॉलेजों ने तो फीस जमा कर दी है लेकिन उनके नाम बकाएदारों की सूची में शामिल हैं। फिलहाल गलती यूनिवर्सिटी की हो या कॉलेज प्रबंधन की, खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
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थोड़ी-बहुत कमी में रिजल्ट रोका जाना गलत
स्व-वित्त पोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासंघ के महामंत्री डॉ. सुधीर कुमार राय ने थोड़ी-बहुत कमी के चलते छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने को यूनिवर्सिटी का गलत कदम बताया है। डॉ. राय के अनुसार जब फीस जमा करने की बाध्यता के बिना परीक्षा करा ली तो रिजल्ट भी जारी कर देना चाहिए। ज्यादातर कॉलेजों ने फीस जमा कर दिया है, बाकी भी जल्द जमा कर देंगे।
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समय से फीस न जमा करने के चलते रिजल्ट तैयार होने के बावजूद रोक दिया जा रहा है। कॉलेज इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हिदायत के बाद भी फीस न जमा करने वाले कॉलेजों की सूची तैयार कर ली गई है। अब उनसे सख्ती से पेश आया जाएगा।
प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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