{"_id":"67-90526","slug":"Gorakhpur-90526-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर के खाते से 19 हजार गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर के खाते से 19 हजार गायब
Gorakhpur
Updated Tue, 01 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। पशुपालन विभाग के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर के बैंक एकाउंट को हैक कर जालसाजों ने 19 हजार रुपये गायब कर दिए। बुुजुर्ग ने बैंक और पुलिस में कई बार शिकायत की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से कई सुराग जुटाए हैं, लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा है।
बेलीपार, भिलोरा के रहने वाले एमपी पांडेय का यूनियन बैंक में पेंशन का खाता है। 28 मई को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि खाते से 18994 रुपये निकाले गए हैं। 30 मई को उन्होंने मैसेज देखा तो इसकी जानकारी हुई। नौसड़ स्थित बैंक की शाखा में उन्होंने इसकी शिकायत की तो मैनेजर ने बताया कि इस खाते से हरियाणा के गुड़गांव में स्थित एक दुकान से मोबाइल खरीदा गया है। पासबुक अपडेट कराने पर पता चला कि रुपये पीओए मोबाइल गुड़गांव के खाते में गये हैं। पीड़ित ने बेलीपार थाने में भी शिकायत की लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं है।
सोमवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे एमपी पांडेय ने बताया कि बैंक और पुलिस अधिकारियों की मदद नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपने प्रयास से जालसाजों के बारे में काफी सुराग इकट्ठा कर लिए हैं। इन सबूतों के आधार पर ही अगर पुलिस कार्रवाई करे तो उनके रुपये तो वापस मिलेंगे ही साथ ही बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।
विज्ञापन
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हरीश चंदर ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर पीड़ित की तरफ से तहरीर मिलती है तो साइबर सेल की मदद से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बेलीपार, भिलोरा के रहने वाले एमपी पांडेय का यूनियन बैंक में पेंशन का खाता है। 28 मई को उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि खाते से 18994 रुपये निकाले गए हैं। 30 मई को उन्होंने मैसेज देखा तो इसकी जानकारी हुई। नौसड़ स्थित बैंक की शाखा में उन्होंने इसकी शिकायत की तो मैनेजर ने बताया कि इस खाते से हरियाणा के गुड़गांव में स्थित एक दुकान से मोबाइल खरीदा गया है। पासबुक अपडेट कराने पर पता चला कि रुपये पीओए मोबाइल गुड़गांव के खाते में गये हैं। पीड़ित ने बेलीपार थाने में भी शिकायत की लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं है।
विज्ञापन
सोमवार को पुलिस कार्यालय पहुंचे एमपी पांडेय ने बताया कि बैंक और पुलिस अधिकारियों की मदद नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपने प्रयास से जालसाजों के बारे में काफी सुराग इकट्ठा कर लिए हैं। इन सबूतों के आधार पर ही अगर पुलिस कार्रवाई करे तो उनके रुपये तो वापस मिलेंगे ही साथ ही बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।
विज्ञापन
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हरीश चंदर ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर पीड़ित की तरफ से तहरीर मिलती है तो साइबर सेल की मदद से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।