{"_id":"67-84302","slug":"Gorakhpur-84302-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकली हंसुली दिखा कर दो लाख के जेवर ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकली हंसुली दिखा कर दो लाख के जेवर ठगे
Gorakhpur
Updated Sun, 16 Mar 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। कोतवाली क्षेत्र के कालेज तिराहे पर तीन महिलाओं ने एक विवाहिता को सोने की नकली हंसुली दिखा कर उसके दो लाख के जेवर ठग लिए। महिला के ससुर की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने महिला ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बड़हलगंज प्रतिनिधि के अनुसार ओझौली गांव के रविंद्र ओझा अपनी मां, पत्नी तथा बहू के साथ बड़हलगंज आए हुए थे। खरीदारी करने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ मां को दिखाने अस्पताल चले गए। उन्होंने अपनी बहू विजयलक्ष्मी को कालेज तिराहे पर इंतजार करने को कहा। इसी बीच तीन महिलाएं विजयलक्ष्मी के पास आईं और रुपये की सख्त जरूरत बताकर सोने की हंसुली बेचने की बात कही। विजयलक्ष्मी ने असमर्थता जताई तो महिलाओं ने उससे कहा कि हंसुली की कीमत उसके पास मौजूद जेवर ज्यादा है, वह अपने जेवर के बदले हंसुली ले ले। विजयलक्ष्मी महिलाओं के झांसे में आ गई और अपने सोने के कंगन, कान का झाला, चेन, मंगलसूत्र तथा अंगूठी उन्हें दे दी। तीनों महिलाओं के चले जाने के बाद जब विजयलक्ष्मी ने प्लास्टिक में बंधी हंसुली को खोलकर देखा तो दंग रह गईं। लोहे की हंसुली पर सुनहले कागज चिपकाए गए थे। इसकी सूचना उसने अपने ससुर रविंद्र ओझा को दी। इस मामले मेें पुलिस ने महिला ठगों के खिलाफ धारा 406, 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन
बड़हलगंज प्रतिनिधि के अनुसार ओझौली गांव के रविंद्र ओझा अपनी मां, पत्नी तथा बहू के साथ बड़हलगंज आए हुए थे। खरीदारी करने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ मां को दिखाने अस्पताल चले गए। उन्होंने अपनी बहू विजयलक्ष्मी को कालेज तिराहे पर इंतजार करने को कहा। इसी बीच तीन महिलाएं विजयलक्ष्मी के पास आईं और रुपये की सख्त जरूरत बताकर सोने की हंसुली बेचने की बात कही। विजयलक्ष्मी ने असमर्थता जताई तो महिलाओं ने उससे कहा कि हंसुली की कीमत उसके पास मौजूद जेवर ज्यादा है, वह अपने जेवर के बदले हंसुली ले ले। विजयलक्ष्मी महिलाओं के झांसे में आ गई और अपने सोने के कंगन, कान का झाला, चेन, मंगलसूत्र तथा अंगूठी उन्हें दे दी। तीनों महिलाओं के चले जाने के बाद जब विजयलक्ष्मी ने प्लास्टिक में बंधी हंसुली को खोलकर देखा तो दंग रह गईं। लोहे की हंसुली पर सुनहले कागज चिपकाए गए थे। इसकी सूचना उसने अपने ससुर रविंद्र ओझा को दी। इस मामले मेें पुलिस ने महिला ठगों के खिलाफ धारा 406, 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन