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मुश्किलें बढ़ीं, लौटाए जा रहे मरीज
Gorakhpur
Updated Mon, 03 Mar 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। कानपुर में जूनियर डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ दूसरे दिन रविवार को भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। कुछ गंभीर मरीजों को सीनियरों डॉक्टरों की सहायता से भर्ती किया गया, अन्य लौटा दिए गए। मेडिकल कॉलेज के ओटी में रविवार को एक भी सर्जरी नहीं हुई। सिर्फ कुछ लोगों की पट्टियां बदली र्गईं। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर इकाई से जुड़े डॉक्टरों ने नर्सिंग होम में भी सिर्फ इमरजेंसी केस ही देखे। अन्य मरीजों का उपचार नहीं किया गया।
कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट अस्पताल में सपा विधायक से हुए विवाद के बाद प्रशासनिक कार्रवाई से जूनियर डॉक्टर खफा है। विधायक और पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है। इमरजेंसी ठप होने के कारण मरीजों को लौटाया जा रहा है। गंभीर मरीजों का किसी तरह उपचार किया जा रहा है। कई वार्र्डों में रविवार को पूरी व्यवस्था नर्सों के भरोसे ही रही। सीनियर डॉक्टर कुछ ही वार्डों में गए, अन्य मरीज दिन भर डॉक्टर का इंतजार करते रहे। मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा रहा। सर्जिकल वार्ड में सिर्फ दो मरीज ही थे। शाम को आने वाले मरीजों को ज्यादा दिक्कत हुई। देवरिया से रेफर होकर आई सुनीता देवी को सांस की दिक्कत थी। उन्हें नहीं भर्ती किया गया। महराजगंज में एक हादसे में घायल यशोदा व सुनील राय बेहोश थे। काफी प्रयास के बाद इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉ. एके श्रीवास्तव ने उन्हें भर्ती कराया और उपचार किया। पूरे दिन मेडिकल कॉलेज का यही हाल रहा।
आज से ओपीडी कर सकते है प्रभावित
जूनियर डॉक्टरों ने देर शाम बैठक कर ओपीडी को प्रभावित करने पर विचार विमर्श किया। सोमवार से वे ओपीडी भी बंद कराने का मन बना रहे है। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि रणनीति बनाई जा रही है और सुबह ओपीडी को बंद कराया जा सकता है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. केपी कुशवाहा ने कहा कि छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि ऐसी बात है तो उन्हें समझाकर ऐसा करने से रोका जाएगा।
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जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित बाबा राघवदास की प्रतिमा के समक्ष इकट्ठे हुए जूनियर डॉक्टरों ने परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, सपा विधायक व पुलिस पर कार्रवाई की मांग दोहराई। डॉ. गौरव यादव, कर्मेश यादव, सनी सिंह, शोभित, बृजेश, आलोक, कमल, अजय, रजा फैजान आदि उपस्थित थे। दूसरी ओर रविवार को जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में आईएमए की गोरखपुर इकाई भी आ गई है। गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सीनियर डाक्टरों द्वारा कार्य करना निंदनीय है। चिकित्सकों के ऊपर इस तरह से सपा विधायक के इशारे में हमला हुआ और यहां डॉक्टर काम कर रहे हैं। सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि डेंटल के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक गिरफ्तार किए गए जूनियर डॉक्टर रिहा नहीं किए जाएंगे तब तक हड़ताल जारी रहेगी और रिहाई के बाद कार्रवाई होने तक काली पट्टी बांध कर चिकित्सकीय सेवा करेंगे। डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज मल्होत्रा ने आईएमए के साथ-साथ चलने की बात कही। एसोसिएशन ने सरकार से हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट अस्पताल में सपा विधायक से हुए विवाद के बाद प्रशासनिक कार्रवाई से जूनियर डॉक्टर खफा है। विधायक और पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है। इमरजेंसी ठप होने के कारण मरीजों को लौटाया जा रहा है। गंभीर मरीजों का किसी तरह उपचार किया जा रहा है। कई वार्र्डों में रविवार को पूरी व्यवस्था नर्सों के भरोसे ही रही। सीनियर डॉक्टर कुछ ही वार्डों में गए, अन्य मरीज दिन भर डॉक्टर का इंतजार करते रहे। मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा रहा। सर्जिकल वार्ड में सिर्फ दो मरीज ही थे। शाम को आने वाले मरीजों को ज्यादा दिक्कत हुई। देवरिया से रेफर होकर आई सुनीता देवी को सांस की दिक्कत थी। उन्हें नहीं भर्ती किया गया। महराजगंज में एक हादसे में घायल यशोदा व सुनील राय बेहोश थे। काफी प्रयास के बाद इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉ. एके श्रीवास्तव ने उन्हें भर्ती कराया और उपचार किया। पूरे दिन मेडिकल कॉलेज का यही हाल रहा।
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आज से ओपीडी कर सकते है प्रभावित
जूनियर डॉक्टरों ने देर शाम बैठक कर ओपीडी को प्रभावित करने पर विचार विमर्श किया। सोमवार से वे ओपीडी भी बंद कराने का मन बना रहे है। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि रणनीति बनाई जा रही है और सुबह ओपीडी को बंद कराया जा सकता है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. केपी कुशवाहा ने कहा कि छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि ऐसी बात है तो उन्हें समझाकर ऐसा करने से रोका जाएगा।
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जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित बाबा राघवदास की प्रतिमा के समक्ष इकट्ठे हुए जूनियर डॉक्टरों ने परिसर में ही कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, सपा विधायक व पुलिस पर कार्रवाई की मांग दोहराई। डॉ. गौरव यादव, कर्मेश यादव, सनी सिंह, शोभित, बृजेश, आलोक, कमल, अजय, रजा फैजान आदि उपस्थित थे। दूसरी ओर रविवार को जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में आईएमए की गोरखपुर इकाई भी आ गई है। गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सीनियर डाक्टरों द्वारा कार्य करना निंदनीय है। चिकित्सकों के ऊपर इस तरह से सपा विधायक के इशारे में हमला हुआ और यहां डॉक्टर काम कर रहे हैं। सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि डेंटल के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक गिरफ्तार किए गए जूनियर डॉक्टर रिहा नहीं किए जाएंगे तब तक हड़ताल जारी रहेगी और रिहाई के बाद कार्रवाई होने तक काली पट्टी बांध कर चिकित्सकीय सेवा करेंगे। डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज मल्होत्रा ने आईएमए के साथ-साथ चलने की बात कही। एसोसिएशन ने सरकार से हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।