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कैंसर यूनिट को डॉक्टर ने दिया वेतन
Gorakhpur
Updated Thu, 10 Oct 2013 05:37 AM IST
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की कैंसर यूनिट कोे कोबाल्ट मशीन समेत कई तोहफे दिए जाने से कॉलेज के चिकित्सक खासे उत्साहित हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कैंसर यूनिट के इंचार्ज मेजर डॉ. एमके बेग ने अपना एक माह का वेतन अस्पताल को देने का फैसला किया है।
इसके लिए डॉ. बेग मंगलवार को प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और डॉ. केपी कुशवाहा से मुलाकात कर उन्हें लिखित रूप से इस बात की जानकारी दी। बाद में अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि कोबाल्ट मशीन का लगना उनका सपना था, इसे मुख्यमंत्री ने पूरा कर दिया। जब मुख्यमंत्री ने इस बात की घोषणा की तो मैं अपने आंखों के आंसू रोक नहीं सका। वह मेरे जीवन के सबसे सुखद क्षणों में से था। उसी समय मैंने यह फैसला ले लिया कि मुझे भी अपना अंशदान कैंसर के गरीब मरीजों के लिए करना चाहिए। कॉलेज के शिक्षक के रूप में शुरुआती दौर की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 2007 में जब वे आए तो इस यूनिट की जर्जर हालत देख दुखी हो गए। पूरी बिल्डिंग ठेकेदारों का आशियाना बनी हुई थी। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने इसे हासिल किया और वहां मरीजों का इलाज शुरू किया। लेकिन कोबाल्ट मशीन न होने से यह यूनिट अधूरी थी, इसे मुख्यमंत्री जी ने पूरा कर दिया। इस बाबत प्राचार्य केपी कुशवाहा ने बताया कि कैंसर यूनिट के लिए डॉ. बेग ने पचास हजार रुपये देने की लिखित जानकारी दी है। इनमें से 25 हजार रुपये की एलसीडी यूनिट में लगा दी गई है जबकि बाकी के रुपये अस्पताल क ीरंगाई-पुताई पर खर्च किए जाएंगे।
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इसके लिए डॉ. बेग मंगलवार को प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और डॉ. केपी कुशवाहा से मुलाकात कर उन्हें लिखित रूप से इस बात की जानकारी दी। बाद में अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि कोबाल्ट मशीन का लगना उनका सपना था, इसे मुख्यमंत्री ने पूरा कर दिया। जब मुख्यमंत्री ने इस बात की घोषणा की तो मैं अपने आंखों के आंसू रोक नहीं सका। वह मेरे जीवन के सबसे सुखद क्षणों में से था। उसी समय मैंने यह फैसला ले लिया कि मुझे भी अपना अंशदान कैंसर के गरीब मरीजों के लिए करना चाहिए। कॉलेज के शिक्षक के रूप में शुरुआती दौर की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 2007 में जब वे आए तो इस यूनिट की जर्जर हालत देख दुखी हो गए। पूरी बिल्डिंग ठेकेदारों का आशियाना बनी हुई थी। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने इसे हासिल किया और वहां मरीजों का इलाज शुरू किया। लेकिन कोबाल्ट मशीन न होने से यह यूनिट अधूरी थी, इसे मुख्यमंत्री जी ने पूरा कर दिया। इस बाबत प्राचार्य केपी कुशवाहा ने बताया कि कैंसर यूनिट के लिए डॉ. बेग ने पचास हजार रुपये देने की लिखित जानकारी दी है। इनमें से 25 हजार रुपये की एलसीडी यूनिट में लगा दी गई है जबकि बाकी के रुपये अस्पताल क ीरंगाई-पुताई पर खर्च किए जाएंगे।
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