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गृह विज्ञान में एमएससी अगले सत्र से
Gorakhpur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी को शोध का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नए शोध केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयारकर यूजीसी को भेजा है।
कुलपति प्रो. त्रिवेदी की चाह है कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी केवल एडमिशन और एक्जामिनेशन सेंटर के रूप में न जाना जाए। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध हों। इसके लिए वैश्विक दृष्टि के साथ स्थानीय मसलों पर शोध किए जाएं ताकि लोगों को रोजगार भी मुहैया हो सके। इसी सोच के साथ यूजीसी को साइंस और सोशल साइंस के नए 10 शोध केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अगले सत्र से इन केंद्रों पर नवीन शोध शुरू हो सकेंगे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, कनवर्जन टेक्नालॉजी जैसे विषय प्रमुख हैं। इन सब के लिए तीन सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसी कड़ी में अगले सत्र से गृह विज्ञान विषय में एमएससी की पढ़ाई भी शुरू होनी है। इसकी मान्यता मिल चुकी है।
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कुलपति प्रो. त्रिवेदी की चाह है कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी केवल एडमिशन और एक्जामिनेशन सेंटर के रूप में न जाना जाए। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध हों। इसके लिए वैश्विक दृष्टि के साथ स्थानीय मसलों पर शोध किए जाएं ताकि लोगों को रोजगार भी मुहैया हो सके। इसी सोच के साथ यूजीसी को साइंस और सोशल साइंस के नए 10 शोध केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अगले सत्र से इन केंद्रों पर नवीन शोध शुरू हो सकेंगे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, कनवर्जन टेक्नालॉजी जैसे विषय प्रमुख हैं। इन सब के लिए तीन सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसी कड़ी में अगले सत्र से गृह विज्ञान विषय में एमएससी की पढ़ाई भी शुरू होनी है। इसकी मान्यता मिल चुकी है।
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