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या त्रियों की लावरवाही से रोजाना खराब होती हैं 400 चद्दरें
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ये दाग अच्छे नहीं, ये आपके व्यक्तित्व पर लगते हैं
- एनईआर की ट्रेनों में तेल, मसालों के धब्बे से रोजाना खराब हो रहीं 400 चादरें
- गोरखपुर स्टेशन पर साल भर में 16,700 चादरें कंडम घोषित
राजन राय
गोरखपुर। एनईआर अपनी ट्रेनों के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे बेडरोल (चादर, तकिया, तौलिया, कंबल) मुहैया कराता है। मगर कुछ यात्रियों की लापरवाही का खामियाजा रेलवे को उठाना पड़ रहा है। यात्री चादर पर ही थाली, पैकेट रखकर भोजन करते हैं। तेल, मसाले के दाग लगने से ये खराब हो रही हैं। इनके दाग लांड्री में धुलाई के बाद भी नहीं छूटते। गोरखपुर में रोजाना 400 से ज्यादा चादरें मानक के अनुसार न होने पर कंडम घोषित की जा रही हैं। बीते साल में 16,700 बेडशीट्स को अनुपयुक्त घोषित किया गया।
लंबी दूरी की यात्रा वाली ट्रेनों की चादरें ज्यादा खराब हो रही हैं। मैकेनाइज्ड लांड्री में काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं, केमिकल से भी इनपर लगे दाग नहीं जाते हैं। कई चादरों और तौलिए से यात्री जूता तक पोंछते हैं। पॉलिश के काले धब्बे भी जल्दी नहीं छूटते। ऐसे में इन्हें कंडम घोषित कर दिया जाता है। खराब की तुलना में नई चादरों के कम आने से कभी-कभी आपूर्ति मुश्किल हो जाती है। ट्रेन में 20 से 25 प्रतिशत बेडरोल ज्यादा रखी जाता है। जब स्पेशल ट्रेन चलती हैं तब ये व्यवस्था फेल हो जाती है।
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एक साल है इस्तेमाल की अवधि
एक चादर के इस्तेमाल की अवधि एक साल है। अवधि पूरी होने पर इन्हें बदल दिया जाता है। खराब हुई ज्यादातर चादरें तीन से चार महीने ही उपयोग की गई हैं। इसी तरह कंबल के इस्तेमाल की अवधि रेलवे ने चार साल निर्धारित की है।
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पैकेट पर स्वच्छता की अपील
बेडरोल को पैकेट में रखकर दिया जाता है। पैकेट पर स्वच्छता संबंधित अपील भी छपी होती है जिसमें साफ तौर पर लिखा होता है कि चादरों से जूता, सूटकेस अथवा खाने पीने की चीजें न पोछें लेकिन बहुत कम लोग ही इस संदेश पर अमल करते हैं।
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कोट
यात्री चादर पर ही बर्तन या पैकेट रखकर भोजन करते हैं। तेल, मसाले और चाय के दाग से काफी संख्या में चादरें खराब हो रही हैं। दोबारा इस्तेमाल नहीं होने से नई चादरें मंगानी पड़ती हैं। रोजाना 400 से 500 बेडशीट खराब होती हैं।
- राजर्षि श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी
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रोजाना बेडरोल वितरण का आंकड़ा
गोरखपुर से चलने वाली कुल ट्रेनें- 23
रोजाना बेडरोल की खपत- 15512 (दो चादर, एक तकिया कवर, एक तौलिया)
कंबल- 9622
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- एनईआर की ट्रेनों में तेल, मसालों के धब्बे से रोजाना खराब हो रहीं 400 चादरें
- गोरखपुर स्टेशन पर साल भर में 16,700 चादरें कंडम घोषित
राजन राय
गोरखपुर। एनईआर अपनी ट्रेनों के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे बेडरोल (चादर, तकिया, तौलिया, कंबल) मुहैया कराता है। मगर कुछ यात्रियों की लापरवाही का खामियाजा रेलवे को उठाना पड़ रहा है। यात्री चादर पर ही थाली, पैकेट रखकर भोजन करते हैं। तेल, मसाले के दाग लगने से ये खराब हो रही हैं। इनके दाग लांड्री में धुलाई के बाद भी नहीं छूटते। गोरखपुर में रोजाना 400 से ज्यादा चादरें मानक के अनुसार न होने पर कंडम घोषित की जा रही हैं। बीते साल में 16,700 बेडशीट्स को अनुपयुक्त घोषित किया गया।
लंबी दूरी की यात्रा वाली ट्रेनों की चादरें ज्यादा खराब हो रही हैं। मैकेनाइज्ड लांड्री में काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं, केमिकल से भी इनपर लगे दाग नहीं जाते हैं। कई चादरों और तौलिए से यात्री जूता तक पोंछते हैं। पॉलिश के काले धब्बे भी जल्दी नहीं छूटते। ऐसे में इन्हें कंडम घोषित कर दिया जाता है। खराब की तुलना में नई चादरों के कम आने से कभी-कभी आपूर्ति मुश्किल हो जाती है। ट्रेन में 20 से 25 प्रतिशत बेडरोल ज्यादा रखी जाता है। जब स्पेशल ट्रेन चलती हैं तब ये व्यवस्था फेल हो जाती है।
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एक साल है इस्तेमाल की अवधि
एक चादर के इस्तेमाल की अवधि एक साल है। अवधि पूरी होने पर इन्हें बदल दिया जाता है। खराब हुई ज्यादातर चादरें तीन से चार महीने ही उपयोग की गई हैं। इसी तरह कंबल के इस्तेमाल की अवधि रेलवे ने चार साल निर्धारित की है।
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पैकेट पर स्वच्छता की अपील
बेडरोल को पैकेट में रखकर दिया जाता है। पैकेट पर स्वच्छता संबंधित अपील भी छपी होती है जिसमें साफ तौर पर लिखा होता है कि चादरों से जूता, सूटकेस अथवा खाने पीने की चीजें न पोछें लेकिन बहुत कम लोग ही इस संदेश पर अमल करते हैं।
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कोट
यात्री चादर पर ही बर्तन या पैकेट रखकर भोजन करते हैं। तेल, मसाले और चाय के दाग से काफी संख्या में चादरें खराब हो रही हैं। दोबारा इस्तेमाल नहीं होने से नई चादरें मंगानी पड़ती हैं। रोजाना 400 से 500 बेडशीट खराब होती हैं।
- राजर्षि श्रीवास्तव, वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी
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रोजाना बेडरोल वितरण का आंकड़ा
गोरखपुर से चलने वाली कुल ट्रेनें- 23
रोजाना बेडरोल की खपत- 15512 (दो चादर, एक तकिया कवर, एक तौलिया)
कंबल- 9622