{"_id":"5c44c2a1bdec227d9070b452","slug":"91548010145-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र जीवन की मस्ती को दोबारा जी उठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र जीवन की मस्ती को दोबारा जी उठे
Mon, 21 Jan 2019 12:19 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:19 AM IST
विज्ञापन
राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में आयोजित पूर्व छात्र सम्मेलन में मुख्य अतिथि एसके आग्रवाल एवं अन्य।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। जिस दोस्त के साथ वषों पहले दिन हंसीं-ठहाकों के बीच बीत जाता था, रविवार को उनके बच्चों के साथ वक्त कैसे गुजर गया, पता ही नहीं चला। कभी अपनी पढ़ाई पर बातें करने वाले होनहार अपने बेटे-बेटियों पर चर्चा करने में मशगूल दिखे। बीच-बीच में हंसी-ठहाकों का वैसा ही शोर गूंजा, जो अरसे पहले क्लासरूम के माहौल को खुशनुमा कर देता था। मौका था जुबिली इंटर कॉलेज में ‘प्रवाह-2019’ पुरातन छात्र सम्मेलन का।
उद्घाटन समारोह की शुरूआत मुख्य अतिथि के रूप में एनएन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि एमपी दुबे, डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया और संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह ने दीप जलाकर की। उसके बाद सभी पुरातन छात्रों ने अपने छात्र दिनों से जुड़े अनुभवों को साझा किया। प्रधानाचार्य नंद प्रसाद यादव ने आभार जताया। संचालन डॉ. राजेश चंद्र गुप्ता ने किया। इस मौके पर सह विद्यालय निरीक्षक ओडी सिंह, जेएन सिंह, जगतबिहारी मिश्र, शिवमूर्ति राय, डॉ. संतराम पांडेय, डॉ. अविनाश पति त्रिपाठी, डॉ. दीपक कुमार सिंह, डॉ. दुर्गा प्रसाद यादव, डॉ. अरुणेंद्र राय, डॉ. रूप कुमार बनर्जी, मिथिलेश निषाद, शिवशंकर मल्ल, प्रशांत, रूपनारायण उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्घाटन समारोह की शुरूआत मुख्य अतिथि के रूप में एनएन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि एमपी दुबे, डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया और संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह ने दीप जलाकर की। उसके बाद सभी पुरातन छात्रों ने अपने छात्र दिनों से जुड़े अनुभवों को साझा किया। प्रधानाचार्य नंद प्रसाद यादव ने आभार जताया। संचालन डॉ. राजेश चंद्र गुप्ता ने किया। इस मौके पर सह विद्यालय निरीक्षक ओडी सिंह, जेएन सिंह, जगतबिहारी मिश्र, शिवमूर्ति राय, डॉ. संतराम पांडेय, डॉ. अविनाश पति त्रिपाठी, डॉ. दीपक कुमार सिंह, डॉ. दुर्गा प्रसाद यादव, डॉ. अरुणेंद्र राय, डॉ. रूप कुमार बनर्जी, मिथिलेश निषाद, शिवशंकर मल्ल, प्रशांत, रूपनारायण उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रामजी से पूछे जनकपुर के नारी
सम्मेलन के दौरान लोकगीतों की बयार ने पूरे माहौल को ऊंचाई प्रदान की। कलाकार अंकिता पंडित ने ... कान्हा आन पड़ी तेरे द्वार, सुना माहौल में भक्ति की मिठास घोली। वहीं ... रामजी से पूछे जनकपुर की नारी, बता द बबुआ, गीत सुना वाहवाही पाई। साधना चतुर्वेदी ने ...रहे न रहे हम महका करेंगे, सुनाकर तालियां बटोरी तो ईश्वर आनंद पांडेय ने कॉलेज का प्रार्थना गीत ...वह शक्ति हमें, सुनाकर मन मोह लिया।
विज्ञापन