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हार के डर से वामपंथी बांट रहे गीता : सीएम योगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 14 Feb 2018 07:47 PM IST
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योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि वाम मोर्चे की सरकार को हार का डर सता रहा है। यही वजह है कि जिन वामपंथियों का धर्म से कोई सरोकार नहीं था, वे इस चुनाव में धार्मिक हो गए हैं। हिंदुओं के घर जाकर गीता दे रहे हैं। शपथ दिला रहे हैं कि मणिक सरकार को ही वोट दें। यह हथकंडा इस बार नहीं चलेगा। जनता जागरूक है। जैसी भीड़ भाजपा की रैली, जनसभा और रोड शो में उमड़ रही है, उससे त्रिपुरा में बदलाव तय है। पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी कमल खिलेगा।
मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में पूजा-पाठ के बाद ने मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। कहा कि वह त्रिपुरा के दौरे पर पहली बार गए थे पर उनके गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ 1980,1982,1984 में वहां जा चुके थे। त्रिपुरा की लगभग 30 प्रतिशत आबादी नाथ पंथ में आस्था रखती है। वहां गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर भी है। बड़ी संख्या में लोग गोरखनाथ मंदिर भी आते हैं। सीएम ने कहा कि त्रिपुरा विकास से कोसों दूर है। बड़ी आबादी टीन शेड में जीवनयापन करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल रहा है। अराजकता चरम पर है।
त्रिपुरा के बच्चे संस्कारी
योगी ने कहा कि त्रिपुरा में उनकी जनसभा बांग्लादेश की सीमा के करीब सौ मीटर दूरी पर थी। वह जब हेलीकॉप्टर से उतरे तो करीब 50 से ज्यादा स्कूली बच्चे आ गए। पुलिस उन्हें दूर हटा रही थी। सीएम ने बच्चों को पास बुलाया और पूछा कि वे क्या चाहते हैं। इस पर बच्चों ने कहा कि उनके साथ फोटो खिंचवानी है। जब बच्चे वहां से गए तो सबने चरण स्पर्श किया। यह संस्कार है। वामपंथियों की सरकार में संस्कार बचा है तो बड़ी बात है।
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मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में पूजा-पाठ के बाद ने मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। कहा कि वह त्रिपुरा के दौरे पर पहली बार गए थे पर उनके गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ 1980,1982,1984 में वहां जा चुके थे। त्रिपुरा की लगभग 30 प्रतिशत आबादी नाथ पंथ में आस्था रखती है। वहां गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर भी है। बड़ी संख्या में लोग गोरखनाथ मंदिर भी आते हैं। सीएम ने कहा कि त्रिपुरा विकास से कोसों दूर है। बड़ी आबादी टीन शेड में जीवनयापन करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल रहा है। अराजकता चरम पर है।
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त्रिपुरा के बच्चे संस्कारी
योगी ने कहा कि त्रिपुरा में उनकी जनसभा बांग्लादेश की सीमा के करीब सौ मीटर दूरी पर थी। वह जब हेलीकॉप्टर से उतरे तो करीब 50 से ज्यादा स्कूली बच्चे आ गए। पुलिस उन्हें दूर हटा रही थी। सीएम ने बच्चों को पास बुलाया और पूछा कि वे क्या चाहते हैं। इस पर बच्चों ने कहा कि उनके साथ फोटो खिंचवानी है। जब बच्चे वहां से गए तो सबने चरण स्पर्श किया। यह संस्कार है। वामपंथियों की सरकार में संस्कार बचा है तो बड़ी बात है।
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