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बहुओं को दें बेटियों की तरह वात्सल्य
Updated Fri, 13 Oct 2017 08:47 PM IST
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गोरखपुर।
अयोध्या से आए मानस मर्मज्ञ रमेश दास वेदांती ने शुक्रवार को कहा कि बहुओं को बेटियों की तरह वात्सल्य देकर समाज और सामाजिक संबंधों को हासिल कर सकते हैं। वह मानस उत्थान समिति की ओर से असुरन स्थित विष्णु मंदिर में विष्णु महायज्ञ के दौरान व्यासपीठ से रामकथा कह रहे थे।
रमेश दास वेदांती ने सीता स्वयंवर की कथा के दौरान इस बात का उल्लेख किया। कहा कि गुरुदेव की कृपा से धनुष खंडित कर सीताजी के साथ श्रीराम का विवाह हुआ। विवाह उसे कहते हैं जहां कन्या पक्ष और वर पक्ष एक-दूसरे से मिलकर वाह-वाह कर दें। इससे पहले नगर विधायक डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल और समाजसेवी शिव कुमार शर्मा ने रामायण की आरती उतारकर कथा का शुभारंभ किया। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 35 दंपतियों ने मुख्य यजमान शरदेंदु पांडेय के नेतृत्व में हवन में आहुति डाली। दूसरी ओर रामलीला में कलाकारों ने रामेश्वरम स्थापना से लेकर रावण-मंदोदरी संवाद की लीला प्रस्तुत की। इस मौके पर सुशील श्रीवास्तव, गुलाबचंद लाल, नीरज कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, शिशिर वर्मा, हरिहर पांडेय आदि मौजूद रहे।
अयोध्या से आए मानस मर्मज्ञ रमेश दास वेदांती ने शुक्रवार को कहा कि बहुओं को बेटियों की तरह वात्सल्य देकर समाज और सामाजिक संबंधों को हासिल कर सकते हैं। वह मानस उत्थान समिति की ओर से असुरन स्थित विष्णु मंदिर में विष्णु महायज्ञ के दौरान व्यासपीठ से रामकथा कह रहे थे।
रमेश दास वेदांती ने सीता स्वयंवर की कथा के दौरान इस बात का उल्लेख किया। कहा कि गुरुदेव की कृपा से धनुष खंडित कर सीताजी के साथ श्रीराम का विवाह हुआ। विवाह उसे कहते हैं जहां कन्या पक्ष और वर पक्ष एक-दूसरे से मिलकर वाह-वाह कर दें। इससे पहले नगर विधायक डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल और समाजसेवी शिव कुमार शर्मा ने रामायण की आरती उतारकर कथा का शुभारंभ किया। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 35 दंपतियों ने मुख्य यजमान शरदेंदु पांडेय के नेतृत्व में हवन में आहुति डाली। दूसरी ओर रामलीला में कलाकारों ने रामेश्वरम स्थापना से लेकर रावण-मंदोदरी संवाद की लीला प्रस्तुत की। इस मौके पर सुशील श्रीवास्तव, गुलाबचंद लाल, नीरज कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, शिशिर वर्मा, हरिहर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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