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नई पेंशन योजना जमा पूंजी पर डाका : चेतनरायन
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:59 PM IST
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) के प्रदेश अध्यक्ष व मुख्य सचेतक चेत नारायण सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना शिक्षक व कर्मचारियों के हित में नहीं है। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जमा पूंजी पर यह खुला डाका है। पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा। इसी क्रम में पांच सितंबर को लखनऊ और पांच अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन होगा।
ये बातें चेत नारायण सिंह ने रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज में मंगलवार को आयोजित विचार गोष्ठी व अभिनंदन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अव्यवस्था के लिए सरकारें जिम्मेदार हैं। इसके लिए शिक्षक और प्रधानाचार्य को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जब भारत गुलाम था तो शिक्षक-छात्र अनुपात 1:35 था, आज यह 1:90 हो गया है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि यह अजीब विरोधाभाष है कि भारत सरकार की राजाज्ञा के अनुसार कुशल श्रमिक का न्यूनतम पारिश्रमिक 18000 रुपये निर्धारित है लेकिन यह प्रावधान प्रदेश में अप्रभावी है। इसके पूर्व संगठन की ओर से अतिथियों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिष कुमार पांडेय ने की। अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य डॉ. एमके सिंह तथा संचालन जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह ने किया। गोष्ठी को हरिमिलन शाही, राम मोहन शाही, अनिरुद्ध त्रिपाठी, बलवंत सिंह, उमेश चंद्र नायक, रामजन्म सिंह, रामनाथ गुप्त, डॉ. अनिल मिश्र ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जैनेंद्र कुमार सिंह, राजेश चंद्र चौधरी, मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, प्रवीण तिवारी, पंकज सिंह, विवेक सिंह और विवेकानंद सिंह आदि शिक्षक मौजूद थे।
ये बातें चेत नारायण सिंह ने रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज में मंगलवार को आयोजित विचार गोष्ठी व अभिनंदन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अव्यवस्था के लिए सरकारें जिम्मेदार हैं। इसके लिए शिक्षक और प्रधानाचार्य को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जब भारत गुलाम था तो शिक्षक-छात्र अनुपात 1:35 था, आज यह 1:90 हो गया है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि यह अजीब विरोधाभाष है कि भारत सरकार की राजाज्ञा के अनुसार कुशल श्रमिक का न्यूनतम पारिश्रमिक 18000 रुपये निर्धारित है लेकिन यह प्रावधान प्रदेश में अप्रभावी है। इसके पूर्व संगठन की ओर से अतिथियों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिष कुमार पांडेय ने की। अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य डॉ. एमके सिंह तथा संचालन जिलाध्यक्ष रणजीत सिंह ने किया। गोष्ठी को हरिमिलन शाही, राम मोहन शाही, अनिरुद्ध त्रिपाठी, बलवंत सिंह, उमेश चंद्र नायक, रामजन्म सिंह, रामनाथ गुप्त, डॉ. अनिल मिश्र ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जैनेंद्र कुमार सिंह, राजेश चंद्र चौधरी, मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, प्रवीण तिवारी, पंकज सिंह, विवेक सिंह और विवेकानंद सिंह आदि शिक्षक मौजूद थे।
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