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जलस्तर तो घटा पर कम नहीं हुई समस्या
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:44 PM IST
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कुशीनगर। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से खड्डा व तमकुही क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में हालात मुश्किल हो गए हैं। हालांकि शनिवार को जलस्तर में गिरावट आई लेकिन इससे लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। शनिवार को डीएम व एसपी ने खड्डा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया। डीएम ने बाढ़ग्रस्त गांवों में मनरेगा के बजट से सड़कों को ऊंचा कराने का भी निर्देश दिया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की दुर्दशा जानने के लिए डीएम आंद्रा वामसी व एसपी यमुना प्रसाद शनिवार को ट्रैक्टर व नाव के सहारे पहुंचे थे। हालांकि मरचहवा के रास्ते में रुकावट अधिक देख उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। डीएम ने शिवपुर के प्रधान को कड़ी फटकार लगाई। बृहस्पतिवार की रात में नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सवा दो लाख क्यूसेक हो जाने की वजह से खड्डा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। शनिवार की दोपहर में डिस्चार्ज घटकर एक लाख 72 हजार क्यूसेक हो गया था। डीएम आंद्रा वामसी व एसपी यमुना प्रसाद नदी उस पार के गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह आदि के बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे। एनएच 28 बी के रास्ते बिहार सीमा में घुसते ही इन्हें कीचड़ से भरे गड्ढों व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। डीएम व एसपी बिहार के नौरंगिया गांव पहुंचे और वहां से जंगल के रास्ते रोहुआ नाले पर पहुंचे तो पुल के ऊपर दो फीट पानी बह रहा था। वहां से ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था करके आगे बढ़े। दोपहर लगभग दो बजे दोनों अधिकारी ट्रैक्टर से नाला पारकर महराजगंज जनपद के सोहगी बरवा पहुंचे। वहां से नाव से बसंतपुर गांव का हालत देखने के बाद मरचहवा गांव के लिए निकले। लेकिन आगे का रास्ता बेहद खतरनाक होने के चलते दोनों अफसरों को वापस लौटना पड़ा।
शिवपुर गांव पहुंचे डीएम ने वहां के प्रधान रामकलप से मनरेगा के तहत सड़कों को ऊंचा कराने की बात कही। प्रधान के जवाब से नाराज डीएम ने फटकारा लगाई। लोगों से बाढ़ के बारे में जानकारी ली। लोगों ने बांध बनाने की मांग की। इस पर डीएम ने हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के चलते पिपराघाट के कई टोले टापू बने हुए हैं। रास्तों पर पानी बह रहा है तथा स्कूलों में भी पानी भर गया है। इस गांव के शिवटोला, मुसहरीटोला, जयपुर और इमिलिया टोला के कई घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। देवनरायन टोला, दहारीटोला, बेनिया पिपरा, गोलाघाट के संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। जोगनी, तवकलटोला, मोतीराय टोला, सिसवा अव्वल के परिषदीय स्कूलों में पानी भरा हुआ है। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खड्डा क्षेत्र के गांवों में ब्लॉक के जरिए सड़कों पर मिट्टी भराई का कार्य कराया जाएगा।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की दुर्दशा जानने के लिए डीएम आंद्रा वामसी व एसपी यमुना प्रसाद शनिवार को ट्रैक्टर व नाव के सहारे पहुंचे थे। हालांकि मरचहवा के रास्ते में रुकावट अधिक देख उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। डीएम ने शिवपुर के प्रधान को कड़ी फटकार लगाई। बृहस्पतिवार की रात में नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सवा दो लाख क्यूसेक हो जाने की वजह से खड्डा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। शनिवार की दोपहर में डिस्चार्ज घटकर एक लाख 72 हजार क्यूसेक हो गया था। डीएम आंद्रा वामसी व एसपी यमुना प्रसाद नदी उस पार के गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह आदि के बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे। एनएच 28 बी के रास्ते बिहार सीमा में घुसते ही इन्हें कीचड़ से भरे गड्ढों व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। डीएम व एसपी बिहार के नौरंगिया गांव पहुंचे और वहां से जंगल के रास्ते रोहुआ नाले पर पहुंचे तो पुल के ऊपर दो फीट पानी बह रहा था। वहां से ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था करके आगे बढ़े। दोपहर लगभग दो बजे दोनों अधिकारी ट्रैक्टर से नाला पारकर महराजगंज जनपद के सोहगी बरवा पहुंचे। वहां से नाव से बसंतपुर गांव का हालत देखने के बाद मरचहवा गांव के लिए निकले। लेकिन आगे का रास्ता बेहद खतरनाक होने के चलते दोनों अफसरों को वापस लौटना पड़ा।
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शिवपुर गांव पहुंचे डीएम ने वहां के प्रधान रामकलप से मनरेगा के तहत सड़कों को ऊंचा कराने की बात कही। प्रधान के जवाब से नाराज डीएम ने फटकारा लगाई। लोगों से बाढ़ के बारे में जानकारी ली। लोगों ने बांध बनाने की मांग की। इस पर डीएम ने हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के चलते पिपराघाट के कई टोले टापू बने हुए हैं। रास्तों पर पानी बह रहा है तथा स्कूलों में भी पानी भर गया है। इस गांव के शिवटोला, मुसहरीटोला, जयपुर और इमिलिया टोला के कई घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। देवनरायन टोला, दहारीटोला, बेनिया पिपरा, गोलाघाट के संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। जोगनी, तवकलटोला, मोतीराय टोला, सिसवा अव्वल के परिषदीय स्कूलों में पानी भरा हुआ है। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खड्डा क्षेत्र के गांवों में ब्लॉक के जरिए सड़कों पर मिट्टी भराई का कार्य कराया जाएगा।