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डीजल, पेट्रोल और अल्कोहल भी होंगे जीएसटी के दायरे में

Sat, 22 Jul 2017 09:30 PM IST
Updated Sat, 22 Jul 2017 09:30 PM IST
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डीजल, पेट्रोल और अल्कोहल भी होंगे जीएसटी के दायरे में

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गोरखपुर।
भले ही 30 जून आधी रात से जीएसटी के देश भर में लागू हो जाने के बाद एक राष्ट्र एक टैक्स का प्रावधान किया गया हो, लेकिन डीजल, पेट्रोल एवं अल्कोहल इस दायरे से अब भी बाहर हैं। पूरी उम्मीद है कि एक साल के अंदर ये सारे उत्पाद भी जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे। उक्त बातें वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त ओपी सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित जीएसटी संबंधी कार्यशाला में दी।
शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग और आईसीए की ओर से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए ओपी सिंह ने कहा कि जीएसटी में अब भी कई बदलाव होने हैं। इसमें डीजल, पेट्रोल के अलावा अल्कोहल को भी शामिल किए जाने की बात भी है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस संबंध में चर्चा की जा रही है। इस मौके पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष प्रो. एके तिवारी ने कहा कि यह कार्यशाला कॉमर्स के विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट अरुप दासगुप्ता ने कहा कि जीएसटी लागू होने से नहीं सिर्फ व्यापारियों की बल्कि प्रैक्टिशनरों की भी काफी मुश्किल आसान हो गई है। अब विभिन्न प्रकार के मुकदमों पर विभिन्न विभागों का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल गई है। सौरभ टिबरेवाल ने भी विभिन्न जानकारियां दी।
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ट्रांसपोर्टेशन के लिए ई-वे बिल का प्रावधान
असिस्टेंट कमिश्नर आलोक चंद्र गौतम ने वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों से जीएसटी के प्रावधानों को अच्छे ढंग से पढ़ने का आह्वान किया। वहीं कार्यशाला में मौजूद उद्यमियों को बताया कि अब ट्रांसपोर्टेशन टैक्स के लिए ई-वे बिल का प्रावधान किया गया है। यह तीन तरह के होंगे। हालांकि यह अभी ड्राफ्टिंग मोड में है। ऐसे में जब तक केंद्र सरकार इसे लागू नहीं करती है तब तक राज्य सरकार इसे पूर्व की व्यवस्था के अनुसार लागू कर सके।
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कंबो पैक पर सबसे ज्यादा टैक्स वाले उत्पाद के अनुसार टैक्स लगेगा
जीएसटी में विभिन्न चीजों के लिए अलग अलग टैक्स का प्रावधान किया गया है। अगर कोई दुकानदार उत्पादों का कंबो पैक तैयार करता है तो सबसे ज्यादा टैक्स वाले उत्पाद के अनुसार निर्धारण होगा। यानी अगर एक पैक में अगर बिस्किट, नमकीन, चॉकलेट आदि एक साथ पैक कर कंबो पैक बनाया जाता है तो इसमें जिस पर सबसे ज्यादा टैक्स निर्धारित है उसी हिसाब से टैक्स लगेगा।

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
प्रश्न- किस पोर्टल पर जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा।
उत्तर- जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए www.gst.gov.in पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। इसको खोलने पर दो ऑप्शन आते हैं- एक टैक्स देने वालों के लिए और दूसरा प्रैक्टिशनर के लिए। पैन बेस्ड रजिस्ट्रेशन का प्रावधान है।

प्रश्न- जब खाद्यान्न को जीरो टैक्स के स्लैब में रखा गया है तो आशीर्वाद ब्रांड और लोकल ब्रांड के लिए अलग अलग रेट क्यों।
उत्तर- ब्रांड और बिना ब्रांड वाले उत्पादों के लिए अलग अलग टैक्स निर्धारित है। इसलिए दोनों के रेट में अंतर आ जाता है।
प्रश्न- एसी खरीदकर एसेंबल कराते हैं तो किस हिसाब से टैक्स देना होगा।
उत्तर- किसी भी इलेक्ट्रिक उत्पाद की खरीद पर अलग टैक्स होता है और सर्विस टैक्स अलग देना होता है। लेकिन एसी एसेंबल कराने पर सर्विस टैक्स प्रिंसिपल टैक्स के अनुरूप निर्धारित होगा।
प्रश्न- कंपोजिट स्कीम सबके लिए आवश्यक है।
उत्तर- कंपोजिट स्कीम ऐच्छिक है।
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