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नौ परिवारों को अभी तक नहीं मिला मुआवजा
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 07:48 PM IST
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उत्तराखंड त्रासदी को हुए करीब ढाई साल बीत चुके हैं। लेकिन इसमें अपना सब कुछ गवां चुके लोग आज भी मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। जिले में ऐसे नौ परिवार हैं, जो जिला मुख्यालय से लेकर शासन तक चक्कर लगा रहे हैं। गोला तहसील के छपिया भाटपार गांव का एक ऐसा ही कुनबा बुधवार को मुआवजे के लिए कलेक्ट्रेट में एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर दरियाफ्त करता फिर रहा था।
इस परिवार ने उत्तराखंड त्रासदी में अपने दोनों मुखिया यानी मां-बाप को खो दिया था। अपनों को खोने की कसक के बीच मुआवजे के लिए दर-दर की ठोकर खाने की मजबूरी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि खुद की गलतियों से अभी तक इस परिवार को मुआवजा नहीं मिल सका।
बता दें कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 63 परिवारों ने उत्तराखंड त्रासदी में अपनों को खोया था। जांच के दौरान इनमें से चार मूल रुप से दूसरे जिले के रहने वाले मिले, जबकि आठ परिवार को उत्तराखंड सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र ही नहीं जारी किया, जिससे इन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका, जबकि गोला तहसील के छपिया भाटपार के पीड़ित परिवार को माता-पिता के मृत्यु का प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला। इस परिवार के रामकेवल और उनकी पत्नी भानुमती देवी भी दर्शन के लिए केदारनाथ गए थे, जहां दोनों त्राशदी का शिकार हो गए।
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शासन के निर्देशानुसार रामकेवल के चारों बेटों मुरलीधर, वंशीधर, धनीधर और हरिप्रकाश को मुआवजे की रकम मिलनी थी।
इनमें से मुरलीधर को छोड़ बाकी के तीनों भाइयों के विदेश में रहने के कारण न तो मुरलीधर को ही मुआवजा मिल पा रहा है और न ही तीनों भाइयों की पत्नी को ही। आपदा कार्यालय का कहना है कि तीनों भाइयों का बैंक खाता नहीं होने से शासन को मुआवजे के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका। आपदा कार्यालय के संयोजक गौतम ने बताया बुधवार को मुरलीधर समेत तीनों भाई की पत्नियां खाता खुलवाने के बाद आई थीं। नोडल प्रभारी व एडीएम सिटी के निर्देश पर सभी का खाता नंबर और अन्य जानकारियां ले ली गई हैं। बृहस्पतिवार तक मुआवजे के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
इनके मरने के सबूत का अभी भी इंतजार
- हरिनारायण पुत्र परदेशी, धुरियापार, गोला
- रामसिंगारे पुत्र तमेशर, खजनी
- गुजराती देवी पत्नी गुलाब शुक्ल, मुंडा कोडरा सहजनवां
- उर्मिला देवी पत्नी हरिशंकर पाण्डेय, चवरियां बुजुर्ग, बांसगांव
- उमा मिश्रा पत्नी दीपनारायण मिश्रा, लकुड़ी निस्फी, बांसगांव
- मोनी पुत्र हरिश्चंद्र ठठेरा, हुंमायूंपुर, सदर
- कैलाशी देवी पत्नी सत्यराम, हरपुर बुदहट, खजनी
- मिठ्ठू प्रजापति पुत्र स्व. महादेव प्रजापति, गुरहू कोहठा, खजनी
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इस परिवार ने उत्तराखंड त्रासदी में अपने दोनों मुखिया यानी मां-बाप को खो दिया था। अपनों को खोने की कसक के बीच मुआवजे के लिए दर-दर की ठोकर खाने की मजबूरी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि खुद की गलतियों से अभी तक इस परिवार को मुआवजा नहीं मिल सका।
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बता दें कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 63 परिवारों ने उत्तराखंड त्रासदी में अपनों को खोया था। जांच के दौरान इनमें से चार मूल रुप से दूसरे जिले के रहने वाले मिले, जबकि आठ परिवार को उत्तराखंड सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र ही नहीं जारी किया, जिससे इन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका, जबकि गोला तहसील के छपिया भाटपार के पीड़ित परिवार को माता-पिता के मृत्यु का प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला। इस परिवार के रामकेवल और उनकी पत्नी भानुमती देवी भी दर्शन के लिए केदारनाथ गए थे, जहां दोनों त्राशदी का शिकार हो गए।
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शासन के निर्देशानुसार रामकेवल के चारों बेटों मुरलीधर, वंशीधर, धनीधर और हरिप्रकाश को मुआवजे की रकम मिलनी थी।
इनमें से मुरलीधर को छोड़ बाकी के तीनों भाइयों के विदेश में रहने के कारण न तो मुरलीधर को ही मुआवजा मिल पा रहा है और न ही तीनों भाइयों की पत्नी को ही। आपदा कार्यालय का कहना है कि तीनों भाइयों का बैंक खाता नहीं होने से शासन को मुआवजे के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका। आपदा कार्यालय के संयोजक गौतम ने बताया बुधवार को मुरलीधर समेत तीनों भाई की पत्नियां खाता खुलवाने के बाद आई थीं। नोडल प्रभारी व एडीएम सिटी के निर्देश पर सभी का खाता नंबर और अन्य जानकारियां ले ली गई हैं। बृहस्पतिवार तक मुआवजे के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
इनके मरने के सबूत का अभी भी इंतजार
- हरिनारायण पुत्र परदेशी, धुरियापार, गोला
- रामसिंगारे पुत्र तमेशर, खजनी
- गुजराती देवी पत्नी गुलाब शुक्ल, मुंडा कोडरा सहजनवां
- उर्मिला देवी पत्नी हरिशंकर पाण्डेय, चवरियां बुजुर्ग, बांसगांव
- उमा मिश्रा पत्नी दीपनारायण मिश्रा, लकुड़ी निस्फी, बांसगांव
- मोनी पुत्र हरिश्चंद्र ठठेरा, हुंमायूंपुर, सदर
- कैलाशी देवी पत्नी सत्यराम, हरपुर बुदहट, खजनी
- मिठ्ठू प्रजापति पुत्र स्व. महादेव प्रजापति, गुरहू कोहठा, खजनी