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नदी घाटों पर लगी आस्था की डुबकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:45 AM IST
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देव दीपावली पर पूजन करती महिला।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। नदी घाटों पर शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। स्नान के बाद लोगाें ने दान-पुण्य किया। सभी प्रमुख नदी घाटों पर भोर में ही श्रद्धालुओं का हुजूम जुट गया। शहर के विष्णु मंदिरों में पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
राप्ती तट स्थित घाटों पर सूर्योदय से पहले ही खचाखच भीड़ जुट हो गई। नदी घाटों पर मेला भी सजा था। लोगों ने स्नान एवं पूजन के बाद दान भी दिया। जिले के अन्य नदी घाटों पर भोर से ही मेला आबाद रहा। घाटों पर सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे। जिले भर में प्रकृति के प्रति श्रद्धा दर्शाते हुए लोगों ने स्नान पर्व पर भगवान विष्णु की उपासना की। जो लोग नदी घाटों पर नहीं जा सके, उन्होंने घर पर ही स्नान के बाद दान आदि देकर पर्व मनाया। असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। लोगों ने भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा कर मंगलकामना की।
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राप्ती तट स्थित घाटों पर सूर्योदय से पहले ही खचाखच भीड़ जुट हो गई। नदी घाटों पर मेला भी सजा था। लोगों ने स्नान एवं पूजन के बाद दान भी दिया। जिले के अन्य नदी घाटों पर भोर से ही मेला आबाद रहा। घाटों पर सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे। जिले भर में प्रकृति के प्रति श्रद्धा दर्शाते हुए लोगों ने स्नान पर्व पर भगवान विष्णु की उपासना की। जो लोग नदी घाटों पर नहीं जा सके, उन्होंने घर पर ही स्नान के बाद दान आदि देकर पर्व मनाया। असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। लोगों ने भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा कर मंगलकामना की।
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इसी दिन हुआ था विष्णु का मत्स्यावतार
महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय के मुताबिक इसी दिन भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस तिथि पर किए गए पुण्य कार्य का फल दस गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना एवं दीपदान करने से पुनर्जन्म के कष्ट से छुटकारा मिलने की भी मान्यता है।
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