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जान से खेल रहे पैथोलॉजी सेंटर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 20 Jan 2018 09:00 PM IST
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पैथोलॉजी टेस्ट
- फोटो : demo pic
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मुनाफा कमाने की होड़ में पैथोलॉजी सेंटर मरीजों की जान से खेल रहे हैं। शुक्रवार को मैक्स हेल्थ पैथ लैब्स पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में ऐसा ही होता मिला। जांच के लिए लोगों का ब्लड सेंपल लेने वाली युवती अनट्रेंड मिली। पर्ची पर जिस डॉक्टर का नाम छपा है वह और उनके सहायक नहीं मिले। जो मिला वह पैथोलॉजी से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका था।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ लिखा-पढ़ी की। कसया रोड स्थिति इस पैथोलॉजी की शिकायत काफी पहले ही स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। इस पर 20 दिसंबर को विभाग की ओर से पैथोलॉजी सेंटर को सीएमओ ने नोटिस भेजा था। इसमें 27 दिसंबर को पैथोलॉजी सेंटर के कंसलटेंट पैथोलॉजिस्ट डॉ. ए अहमद और संचालक एसके शर्मा को जांच के लिए प्रपत्रों के साथ बुलाया गया था। इनमें से कोई सीएमओ दफ्तर नहीं पहुंचा।
इस बीच किसी ने पैथोलॉजी सेंटर की शिकायत प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर कर दी। इसकी जांच सीएमओ कार्यालय पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसी क्रम में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो पैथोलॉजी सेंटर में अनट्रेंड स्टाफ ज्योति ब्लड सेंपल लेतीं मिलीं। जांच टीम यह देखकर भौचक रह गई। गनीमत रही कि पैथोलॉजी सेंटर पर जारी इस खेल में किसी मरीज की नस पंक्चर नहीं हुई, वरना जान पर बन सकती थी। सूत्रों की माने तो शहर एवं आसपास के कई पैथोलॉजी सेंटर इसी तरह से मरीजों की जान जोखिम में डालकर अपना धंधा चला रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय में लैब पंजीकृत है। वहां से कोई नोटिस नहीं भेजा गया। जनसुनवाई पोर्टल की एक शिकायत के क्रम में एडी दफ्तर से नोटिस भेजा गया था। वहां जाकर कागजात पेश भी किए थे। सीएमओ कार्यालय में लैब का नंबर भी दर्ज है। एक फोन भी आया होता तो वहां जाकर कागजात पेश करता। जिस अनट्रेंड स्टाफ के ब्लड सेंपल लेने की बात कही जा रही है वह रिसेप्सनिस्ट है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मनमाने ढंग से आरोप लगाते हुए लैब को सीज किया है।
- एसके शर्मा, संचालक, मैक्स हेल्थ पैथ लैब्स
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शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ लिखा-पढ़ी की। कसया रोड स्थिति इस पैथोलॉजी की शिकायत काफी पहले ही स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। इस पर 20 दिसंबर को विभाग की ओर से पैथोलॉजी सेंटर को सीएमओ ने नोटिस भेजा था। इसमें 27 दिसंबर को पैथोलॉजी सेंटर के कंसलटेंट पैथोलॉजिस्ट डॉ. ए अहमद और संचालक एसके शर्मा को जांच के लिए प्रपत्रों के साथ बुलाया गया था। इनमें से कोई सीएमओ दफ्तर नहीं पहुंचा।
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इस बीच किसी ने पैथोलॉजी सेंटर की शिकायत प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर कर दी। इसकी जांच सीएमओ कार्यालय पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसी क्रम में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो पैथोलॉजी सेंटर में अनट्रेंड स्टाफ ज्योति ब्लड सेंपल लेतीं मिलीं। जांच टीम यह देखकर भौचक रह गई। गनीमत रही कि पैथोलॉजी सेंटर पर जारी इस खेल में किसी मरीज की नस पंक्चर नहीं हुई, वरना जान पर बन सकती थी। सूत्रों की माने तो शहर एवं आसपास के कई पैथोलॉजी सेंटर इसी तरह से मरीजों की जान जोखिम में डालकर अपना धंधा चला रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय में लैब पंजीकृत है। वहां से कोई नोटिस नहीं भेजा गया। जनसुनवाई पोर्टल की एक शिकायत के क्रम में एडी दफ्तर से नोटिस भेजा गया था। वहां जाकर कागजात पेश भी किए थे। सीएमओ कार्यालय में लैब का नंबर भी दर्ज है। एक फोन भी आया होता तो वहां जाकर कागजात पेश करता। जिस अनट्रेंड स्टाफ के ब्लड सेंपल लेने की बात कही जा रही है वह रिसेप्सनिस्ट है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मनमाने ढंग से आरोप लगाते हुए लैब को सीज किया है।
- एसके शर्मा, संचालक, मैक्स हेल्थ पैथ लैब्स