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सत्यलोक आश्रम पुलिस पहुंची
basti
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:08 AM IST
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अाश्रम में पुलिस पहुंची।
- फोटो : अमर उजाला
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कुदरहा/बस्ती।कथित बाबा सच्चिदानन्द और उसके शागिर्दों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को दोपहर कोतवाली पुलिस लालगंज थाने के सेल्हरा स्थित सत्यलोक आश्रम पहुंची। यहां घंटेे भर पुलिस बाबा की करतूतों के निशान ढूंढती रही। कथित बाबा और उसके शिष्य-शिष्याओं पर दर्ज बंधक बनाकर गैंगरेप के मुकदमे के विवेचक एसएसआई चंद्रमोहन भाटिया ने सेल्हरा के कल्पनाथ चौधरी से लंबी पूछताछ की और उसका बयान दर्ज किए। कल्पनाथ ने विवेचक को पूरा वाकया सिलसिलेवार बताया।सोमवार दोपहर एसएसआई कोतवाली चंद्रमोहन भाटिया, चौकी प्रभारी बड़ेवन आनन्द कुमार पुलिस टीम के साथ सेल्हरा आश्रम पहुंचे। केस से जुड़ा क्लू तलाश करने के लिए चप्पा-चप्पा छान मारा लेकिन निराशा हाथ लगी। महिला पुलिस मौजूद न होने की वजह से पीड़िताओं के बयान नहीं लिए जा सके। हालांकि उनसे काफी देर तक अनौपचारिक तौर पर पूछताछ की। पूछे जाने पर टीम ने पूछताछ का ब्योरा बताने से मना कर दिया। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि बाबा के करीबियों के सहारे आरोपियों को पकड़ने की कोशिश है।
कल्पनाथ से पूछा, क्यों बिगड़ी बात
कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक चंद्रमोहन ने सेल्हरा के कल्पनाथ चौधरी से यह स्पष्ट करना चाहते थे कि पूरे परिवार की अटूट आस्था के बाद एकाएक बात इतनी क्यों बिगड़ी ? बाबा और उसके शिष्यों ने कल्पनाथ बंधुओं पर सेल्हरा आश्रम की चल-अचल संपत्ति और 20 लाख रुपये कैश के लिए बगावत करने के आरोप के बारे में भी विवेचक ने जानकारी ली। पहली और 17 दिसंबर को परम चेतनानंद और कुछ अन्य शिष्यों की तरफ से मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआईजी, एसपी और मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में भी इन सब पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाबा के पक्ष का स्पष्ट रूप से कल्पनाथ, उसका भाई श्याम चंद्र उर्फ तपस्यानंद, गिरिजा शंकर चौधरी, अजीत चौधरी आदि को जिम्मेदार बताया गया है। इसी विंदु पर कल्पनाथ से पूछताछ की गई।
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कल्पनाथ से पूछा, क्यों बिगड़ी बात
कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक चंद्रमोहन ने सेल्हरा के कल्पनाथ चौधरी से यह स्पष्ट करना चाहते थे कि पूरे परिवार की अटूट आस्था के बाद एकाएक बात इतनी क्यों बिगड़ी ? बाबा और उसके शिष्यों ने कल्पनाथ बंधुओं पर सेल्हरा आश्रम की चल-अचल संपत्ति और 20 लाख रुपये कैश के लिए बगावत करने के आरोप के बारे में भी विवेचक ने जानकारी ली। पहली और 17 दिसंबर को परम चेतनानंद और कुछ अन्य शिष्यों की तरफ से मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीआईजी, एसपी और मानवाधिकार आयोग को भेजे पत्र में भी इन सब पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाबा के पक्ष का स्पष्ट रूप से कल्पनाथ, उसका भाई श्याम चंद्र उर्फ तपस्यानंद, गिरिजा शंकर चौधरी, अजीत चौधरी आदि को जिम्मेदार बताया गया है। इसी विंदु पर कल्पनाथ से पूछताछ की गई।
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