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मेडल पाने को खोजी कुतों ने की जोर आजमाइश
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:11 PM IST
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गोरखपुर।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मुख्यालय में मंगलवार को तीन दिवसीय (10-12 अक्तूबर) खोजी श्वान प्रतियोगिता शुरू हुई। इसका उद्घाटन महानिरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने किया। अलग-अलग राज्यों से आए खोजी कुत्तों को फील्ड में उतारा गया। बारूदी सुरंग और मादक तस्कर को पकड़वाने में ट्रेंड कुत्तों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता का रिजल्ट 12 अक्तूबर को आएगा। बेस्ट परफारमेंस देने वाले कुत्तों के ट्रेनर को गोल्ड मेडल दिया जाएगा।
मंगलवार को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले महानिरीक्षक ने ट्रेनर के साथ श्वान की परेड ली और सलामी दी। सभी श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले खोजी कुत्तों को अखिल पुलिस ड्यूटी में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। महानिरीक्षक ने कहा कि खोजी कुत्तों की सभी सुरक्षा बलों की जरूरत होती है। जमीन के अंदर बिछाई जाने वाली बारूदी सुरंगों का पता कुत्ते आसानी से लगा लेते हैं। यही काम मशीन करती है। इसका मतलब है कि खोजी कुत्तों से मशीन जैसा काम लिया जाता है। इनकी मदद से तमाम बड़े और अनसुलझे केस सुलझाए गए हैं। सेना में भी खोजी कुत्ते हैं। सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सक) डॉ. शालिनी सिंह ने सभी को प्रतियोगिता की सफलता की शुभकामना दी। इस मौके पर डीआईजी सेक्टर मुख्यालय डॉ. एसके तिवारी, डीआईजी मुख्यालय (पशु चिकित्सक) डॉ. एनके ठीना, सहायक प्रचार अधिकारी ओपी साहू मौजूद रहे।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मुख्यालय में मंगलवार को तीन दिवसीय (10-12 अक्तूबर) खोजी श्वान प्रतियोगिता शुरू हुई। इसका उद्घाटन महानिरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने किया। अलग-अलग राज्यों से आए खोजी कुत्तों को फील्ड में उतारा गया। बारूदी सुरंग और मादक तस्कर को पकड़वाने में ट्रेंड कुत्तों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। प्रतियोगिता का रिजल्ट 12 अक्तूबर को आएगा। बेस्ट परफारमेंस देने वाले कुत्तों के ट्रेनर को गोल्ड मेडल दिया जाएगा।
मंगलवार को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले महानिरीक्षक ने ट्रेनर के साथ श्वान की परेड ली और सलामी दी। सभी श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले खोजी कुत्तों को अखिल पुलिस ड्यूटी में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। महानिरीक्षक ने कहा कि खोजी कुत्तों की सभी सुरक्षा बलों की जरूरत होती है। जमीन के अंदर बिछाई जाने वाली बारूदी सुरंगों का पता कुत्ते आसानी से लगा लेते हैं। यही काम मशीन करती है। इसका मतलब है कि खोजी कुत्तों से मशीन जैसा काम लिया जाता है। इनकी मदद से तमाम बड़े और अनसुलझे केस सुलझाए गए हैं। सेना में भी खोजी कुत्ते हैं। सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सक) डॉ. शालिनी सिंह ने सभी को प्रतियोगिता की सफलता की शुभकामना दी। इस मौके पर डीआईजी सेक्टर मुख्यालय डॉ. एसके तिवारी, डीआईजी मुख्यालय (पशु चिकित्सक) डॉ. एनके ठीना, सहायक प्रचार अधिकारी ओपी साहू मौजूद रहे।
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