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नहीं लड़ सकेंगे दोबारा छात्रसंघ चुनाव
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:19 PM IST
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गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव पर संशय बरकरार है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अगर संभावनाएं बनती भी हैं तो छात्रसंघ चुनाव में पिछले साल चुनाव लड़ चुके प्र्रत्याशी इस साल चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। लिंगदोह समिति की सिफारिशों पर गौर करें तो इसके अनुसार काशी विद्यापीठ में भी यही फॉर्मूला अपनाया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन भी लिंगदोह समिति की सिफारिशों के पालन के लिए इसी तरीके को अपनाने जा रहा है। इस फॉर्मूले से पिछले साल विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ चुके 10 प्रत्याशी दावेदारी से बाहर हो जाएंगे।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव पर डिप्टी सीएम की ओर मिली फटकार के बाद आननफानन में अगले ही दिन छात्रसंघ चुनाव कराने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। अब छात्रनेताओं के साथ यूनिवर्सिटी प्रशासन की निगाहें भी शासन की ओर टिकी हैं। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव कराने के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में डिप्टी सीएम ने भी छात्रसंघ चुनाव यूनिवर्सिटी के अध्यादेशों के मुकाबले लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप कराए जाने की निर्देश दिए हैं। उसी के मुताबिक छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव पर संशय बरकरार है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अगर संभावनाएं बनती भी हैं तो छात्रसंघ चुनाव में पिछले साल चुनाव लड़ चुके प्र्रत्याशी इस साल चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। लिंगदोह समिति की सिफारिशों पर गौर करें तो इसके अनुसार काशी विद्यापीठ में भी यही फॉर्मूला अपनाया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन भी लिंगदोह समिति की सिफारिशों के पालन के लिए इसी तरीके को अपनाने जा रहा है। इस फॉर्मूले से पिछले साल विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ चुके 10 प्रत्याशी दावेदारी से बाहर हो जाएंगे।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव पर डिप्टी सीएम की ओर मिली फटकार के बाद आननफानन में अगले ही दिन छात्रसंघ चुनाव कराने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। अब छात्रनेताओं के साथ यूनिवर्सिटी प्रशासन की निगाहें भी शासन की ओर टिकी हैं। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव कराने के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में डिप्टी सीएम ने भी छात्रसंघ चुनाव यूनिवर्सिटी के अध्यादेशों के मुकाबले लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप कराए जाने की निर्देश दिए हैं। उसी के मुताबिक छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे।
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