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10 साल के अविनाश ने थामी कुदाल
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:19 AM IST
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गोरखपुर। बाढ़ के विकराल रूप से बड़े तो बेचैन हैं ही, बच्चे भी सहमे हुए हैं। नौसड़ चौक से बमुश्किल 200 मीटर दूर गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पर रामकेश और उनके भाई सूर्या का परिवार घर के सामने मौजूद बांध के रेनकट को भरने में लगा है। पिता और चाचा को मिट्टी के बोरे रेनकट तक ले जाते देख 10 साल के अविनाश ने पिता रामकेश से पूछा कि बोरे में मिट्टी क्यों भर रहे हैं, तो पिता ने दो टूक जवाब दिया, ‘बोरा नहीं डाला तो घर डूब जाएगा।’ ये बात सुन नन्हें अविनाश ने पिता के हाथ से कुदाल लेकर मिट्टी डाली में भरने लगा। बाद में उसके बड़े भाइयों 14 साल के विशाल और मनीष ने भी मोर्चा संभाल लिया।
सूर्या ने बताया कि घर के सामने ही रेनकट है। बाढ़ से हो रही कटान को रोकन के लिए मिट्टी भरे बोरे से रेनकट पाट रहे हैं। गांव वाले भी मदद कर रहे हैं। दो दिनों से आशियाना बचाने की जद्दोजहद हो रही है।
सूर्या ने बताया कि घर के सामने ही रेनकट है। बाढ़ से हो रही कटान को रोकन के लिए मिट्टी भरे बोरे से रेनकट पाट रहे हैं। गांव वाले भी मदद कर रहे हैं। दो दिनों से आशियाना बचाने की जद्दोजहद हो रही है।
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