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अवैध नर्सिंग होम मालिकों पर दर्ज होगा केस
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:20 AM IST
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गोरखपुर। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए या मानचित्र की अनदेखी कर नर्सिंग होम बनाने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को शहर के ऐसे 180 अवैध नर्सिंग होम सील करने के साथ ही उनके संचालकों पर प्राधिकरण में वाद दाखिल करने का आदेश जारी हो गया है। इन नर्सिंग होम संचालकों को जीडीए ने कई मौके दिए थे। बार-बार की चेतावनी के अलावा तीन बार इन्हें नोटिस देकर कंपाउंडिंग कराने के लिए कहा गया था, मगर ये नर्सिंग होम संचालक लगातार जीडीए को ठेंगा दिखा रहे थे।
इसे लेकर जीडीए उपाध्यक्ष ने शनिवार को संबंधित एई और जेई की बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने सभी पर नाराजगी जताई। इसके बाद हरकत में आए सहायक अभियंता ने सभी जेई को पत्र लिखकर संबंधित नर्सिंग होम व हॉस्पिटल सील करने के साथ ही सभी के खिलाफ वाद दाखिल करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि सोमवार से ही संबंधित के खिलाफ वाद दाखिल कर जेई उपाध्यक्ष से अनुमति लेकर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर देंगे। उधर प्राधिकरण इन सभी नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस देकर मरीज नहीं भर्ती करने की भी हिदायत दे रहा है, ताकि कार्रवाई की दशा में मरीज और उनके तीमारदार न परेशान हों।
मानचित्र स्वीकृत न कराने या उसकी अनदेखी कर निर्माण कराने पर जीडीए ने अप्रैल में 180 नर्सिंग होम व हॉस्पिटल संचालकों को नोटिस भेजा था। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए मानचित्र पेश करने को कहा गया था। मानचित्र स्वीकृत न होने या मानचित्र के मुताबिक निर्माण न होने पर कंपाउंडिंग कराने की छूट दी गई थी। इसके बाद दो बार और नोटिस भेज गया, मगर सिर्फ 29 ने ही मानचित्र पेश किया। इनमें भी 25 के मानचित्र में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
इसे लेकर जीडीए उपाध्यक्ष ने शनिवार को संबंधित एई और जेई की बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने सभी पर नाराजगी जताई। इसके बाद हरकत में आए सहायक अभियंता ने सभी जेई को पत्र लिखकर संबंधित नर्सिंग होम व हॉस्पिटल सील करने के साथ ही सभी के खिलाफ वाद दाखिल करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि सोमवार से ही संबंधित के खिलाफ वाद दाखिल कर जेई उपाध्यक्ष से अनुमति लेकर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर देंगे। उधर प्राधिकरण इन सभी नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस देकर मरीज नहीं भर्ती करने की भी हिदायत दे रहा है, ताकि कार्रवाई की दशा में मरीज और उनके तीमारदार न परेशान हों।
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मानचित्र स्वीकृत न कराने या उसकी अनदेखी कर निर्माण कराने पर जीडीए ने अप्रैल में 180 नर्सिंग होम व हॉस्पिटल संचालकों को नोटिस भेजा था। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए मानचित्र पेश करने को कहा गया था। मानचित्र स्वीकृत न होने या मानचित्र के मुताबिक निर्माण न होने पर कंपाउंडिंग कराने की छूट दी गई थी। इसके बाद दो बार और नोटिस भेज गया, मगर सिर्फ 29 ने ही मानचित्र पेश किया। इनमें भी 25 के मानचित्र में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दे दिए।
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