{"_id":"5c797cfdbdec225334439423","slug":"71551465724-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव : एमएलसी बनकर डाल दिया फर्जी वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव : एमएलसी बनकर डाल दिया फर्जी वोट
Sat, 02 Mar 2019 12:12 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Sat, 02 Mar 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव काफी हंगामेदार रहा।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव काफी हंगामेदार रहा। विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर किसी ने फर्जी वोट डाल दिया। इस पर चुनाव अधिकारी अमरेश बहादुर पाल ने चुनाव प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। साथ ही मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मतदान अब शनिवार की शाम चार से छह बजे के बीच होगा।
शुक्रवार को नगर निगम कार्यकारिणी के रिक्त छह पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। कुल 10 पार्षदों ने मैदान में ताल ठोंकी, लेकिन तीन ने नाम वापस ले लिया। इससे मुकाबले में भाजपा के रामभुवाल कुशवाहा, अजय राय, राजेश तिवारी, सपा के उजैर अहमद, आकाश चौहान, कांग्रेस के संजीव सिंह सोनू और निर्दल अमरनाथ यादव रह गए। 76 वोटों वाली कार्यकारिणी के चुनाव में 70 पार्षदों के अलावा तीन पदेन सदस्यों सांसद प्रवीण निषाद, नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने भी वोटिंग की।
लेकिन, गिनती करने पर मतपत्र 74 निकले। एक वोट ज्यादा पड़ने से सदन में हड़कंप मच गया। इसके बाद फिर से सभी मतपत्रों की जांच हुई। इसमें एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर फर्जी वोटिंग का पता चला। हंगामे के बाद चुनाव अधिकारी अमरेश बहादुर पाल ने शुक्रवार को चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करते हुए इसके लिए अगली तारीख तय कर दी। अमरेश बादुर पाल ने बताया कि मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
- फर्जी वोटिंग गंभीर बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई करनी चाहिए।
देवेंद्र प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य
- लापरवाह अफ सरों, कर्मचारियों की वजह से सदन को शर्मसार होना पड़ा है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी में कैद है। शनिवार शाम चार से छह के बीच फिर से वोटिंग होगी।
सीताराम जायसवाल, मेयर
शुक्रवार को नगर निगम कार्यकारिणी के रिक्त छह पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। कुल 10 पार्षदों ने मैदान में ताल ठोंकी, लेकिन तीन ने नाम वापस ले लिया। इससे मुकाबले में भाजपा के रामभुवाल कुशवाहा, अजय राय, राजेश तिवारी, सपा के उजैर अहमद, आकाश चौहान, कांग्रेस के संजीव सिंह सोनू और निर्दल अमरनाथ यादव रह गए। 76 वोटों वाली कार्यकारिणी के चुनाव में 70 पार्षदों के अलावा तीन पदेन सदस्यों सांसद प्रवीण निषाद, नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने भी वोटिंग की।
विज्ञापन
लेकिन, गिनती करने पर मतपत्र 74 निकले। एक वोट ज्यादा पड़ने से सदन में हड़कंप मच गया। इसके बाद फिर से सभी मतपत्रों की जांच हुई। इसमें एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर फर्जी वोटिंग का पता चला। हंगामे के बाद चुनाव अधिकारी अमरेश बहादुर पाल ने शुक्रवार को चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करते हुए इसके लिए अगली तारीख तय कर दी। अमरेश बादुर पाल ने बताया कि मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
- फर्जी वोटिंग गंभीर बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई करनी चाहिए।
देवेंद्र प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य
- लापरवाह अफ सरों, कर्मचारियों की वजह से सदन को शर्मसार होना पड़ा है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी में कैद है। शनिवार शाम चार से छह के बीच फिर से वोटिंग होगी।
सीताराम जायसवाल, मेयर