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ज्यादा फीस वसूली में फंसा डिवीनिटी स्कूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 31 Mar 2018 08:37 PM IST
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कक्षा छह के विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूलने के आरोपों से घिरे डिवीनिटी स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने मामला सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) के क्षेत्रीय अधिकारी के पास भेजा है और पूरे मामले की जांच कराकर स्कूल की मान्यता निरस्त करने की सिफारिश की है।
डिवीनिटी स्कूल में कक्षा छह के विद्यार्थियों से 13 से 18 हजार रुपये फीस वसूली गई है। इसकी शिकायत रसीद के साथ डीएम से हुई। डीएम ने फीस के सभी मदों का अध्ययन कराया और पाया कि जरूरत से ज्यादा फीस ली गई है। इसी आधार पर इलाहाबाद स्थित सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेजी गई।
डीएम का कहना है कि मनमानी फीस वसूली की इजाजत किसी को नहीं है। डिवीनिटी स्कूल में ज्यादा फीस वसूलने की जांच अपर निदेशक (एडी) बेसिक को भी दी गई है। कक्षा आठ के पब्लिक स्कूलों की मान्यता में एडी बेसिक की भूमिका होती है। यदि एडी बेसिक स्तर से कोई कार्रवाई संभव हुई तो उसे भी अमल में लाया जाएगा।
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साक्ष्य के साथ मनमानी फीस वसूली की शिकायत जिस भी स्कूल के खिलाफ मिलेगी, उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। सीबीएसई, सीआईएससीई बोर्ड से मान्यता निरस्त करने की सिफारिश तक की जा सकती है।
- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम
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डिवीनिटी स्कूल में कक्षा छह के विद्यार्थियों से 13 से 18 हजार रुपये फीस वसूली गई है। इसकी शिकायत रसीद के साथ डीएम से हुई। डीएम ने फीस के सभी मदों का अध्ययन कराया और पाया कि जरूरत से ज्यादा फीस ली गई है। इसी आधार पर इलाहाबाद स्थित सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेजी गई।
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डीएम का कहना है कि मनमानी फीस वसूली की इजाजत किसी को नहीं है। डिवीनिटी स्कूल में ज्यादा फीस वसूलने की जांच अपर निदेशक (एडी) बेसिक को भी दी गई है। कक्षा आठ के पब्लिक स्कूलों की मान्यता में एडी बेसिक की भूमिका होती है। यदि एडी बेसिक स्तर से कोई कार्रवाई संभव हुई तो उसे भी अमल में लाया जाएगा।
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साक्ष्य के साथ मनमानी फीस वसूली की शिकायत जिस भी स्कूल के खिलाफ मिलेगी, उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। सीबीएसई, सीआईएससीई बोर्ड से मान्यता निरस्त करने की सिफारिश तक की जा सकती है।
- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम