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संस्कृति राष्ट्र की आत्मा : डॉ. लालमणि
Updated Mon, 21 Aug 2017 07:03 PM IST
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गोरखपुर। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय महंत अवेद्यनाथ स्मृति व्याख्यान माला के पांचवें दिन गीताप्रेस के प्रकाशन व्यवस्थापक डॉ. लालमणि तिवारी ने कहा कि संस्कृति राष्ट्र की आत्मा होती है। समाज के उच्चतम मूल्यों की चेतना ही संस्कृति है। संस्कृति अपने आप में बहुत व्यापक संदर्भ लिए होता है। आजकल केवल रहन-सहन, खान-पान तक ही हम संस्कृति को मान रहे है। यही समाज के पतन का एक बड़ा कारण बन गया।
कॉलेज केबीएड विभाग की प्रभारी शिप्रा सिंह ने ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षण प्रशिक्षण की उपयोगिता’ विषय पर कहा कि शिक्षक राष्ट्र की धरोहर हैं। वह राष्ट्र का भविष्य एवं निर्माता होता है। कार्यक्रम में डॉ. राजेश शुक्ला, श्वेता चौबे, प्रगति पांडेय, हिमाद्री सिंह, जितेंद्र प्रजापति, कुसुुमलता सिंह, डॉ. शक्ति सिंह, एसपी सिंह, राधेश्याम, संतोष श्रीवास्तव सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी सम्मलित रहे।
कॉलेज केबीएड विभाग की प्रभारी शिप्रा सिंह ने ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षण प्रशिक्षण की उपयोगिता’ विषय पर कहा कि शिक्षक राष्ट्र की धरोहर हैं। वह राष्ट्र का भविष्य एवं निर्माता होता है। कार्यक्रम में डॉ. राजेश शुक्ला, श्वेता चौबे, प्रगति पांडेय, हिमाद्री सिंह, जितेंद्र प्रजापति, कुसुुमलता सिंह, डॉ. शक्ति सिंह, एसपी सिंह, राधेश्याम, संतोष श्रीवास्तव सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी सम्मलित रहे।
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