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सीएम के सामने खुली सड़कों के भ्रष्टाचार की परत
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:19 AM IST
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गोरखपुर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम, लोनिवि और जीडीए के अफसरों से कहा कि शहर के भीतर की सड़क ों की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए कि वह कम से कम पांच साल तक चलें। इसकी गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह बुधवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर में विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। नगर आयुक्त को गोलघर समेत शहर के सभी प्रमुख चौराहों, इलाकों में जल्द एलईडी लाइटें लगाए जाने का निर्देश दिया। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि काम हो रहा है मगर अभी और सक्रियता की जरुरत है। नगर आयुक्त के साथ ही डीएम भी सफाई व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन करें। कहीं पर भी कूड़ा न एकत्रित होने पाए।
इसी तरह नगर आयुक्त को शहर की ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश देते हुए कहा कि बजट की कमी हो तो शासन को प्रस्ताव भेजा जाए। पंचायती राज विभाग के अफसरों से कहा कि गांवों को ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) करने को लेकर काफी काम होना है। उन्होंने कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को इसकी नियमित मानीटरिंग के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस के अफसरों से कहा कि रात को गश्त बढ़ाई जाए। छोटी घटनाओं को पुलिस गंभीरता से ले। यह सुनिश्चित किया जाए कि थानों पर आम आदमी के साथ अच्छा व्यवहार हो। उनकी बात सुनी जाए और समय से उसका निस्तारण कराया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम, लोनिवि और जीडीए के अफसरों से कहा कि शहर के भीतर की सड़क ों की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए कि वह कम से कम पांच साल तक चलें। इसकी गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह बुधवार देर शाम गोरखनाथ मंदिर में विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। नगर आयुक्त को गोलघर समेत शहर के सभी प्रमुख चौराहों, इलाकों में जल्द एलईडी लाइटें लगाए जाने का निर्देश दिया। सफाई व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि काम हो रहा है मगर अभी और सक्रियता की जरुरत है। नगर आयुक्त के साथ ही डीएम भी सफाई व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन करें। कहीं पर भी कूड़ा न एकत्रित होने पाए।
इसी तरह नगर आयुक्त को शहर की ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश देते हुए कहा कि बजट की कमी हो तो शासन को प्रस्ताव भेजा जाए। पंचायती राज विभाग के अफसरों से कहा कि गांवों को ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) करने को लेकर काफी काम होना है। उन्होंने कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को इसकी नियमित मानीटरिंग के निर्देश दिए।
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कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस के अफसरों से कहा कि रात को गश्त बढ़ाई जाए। छोटी घटनाओं को पुलिस गंभीरता से ले। यह सुनिश्चित किया जाए कि थानों पर आम आदमी के साथ अच्छा व्यवहार हो। उनकी बात सुनी जाए और समय से उसका निस्तारण कराया जाए।
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