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जलाभिषेक कर शिव से मांगा आशीष
Updated Mon, 24 Jul 2017 09:03 PM IST
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सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं ने शिवमंदिरों में जलाभिषेक किया।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
सावन के तीसरे सोमवार पर शहर ही नहीं गांवों के भी शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। भोर से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। नंगे पांव, कलश लिए भक्त हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए जलाभिषेक करने पहुंचे और शिव से आशीष मांगा। मंदिरों और घरों में रुद्राभिषेक कर शिव के प्रति श्रद्धा निवेदित की गई। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ। कथाएं सुनी गईं। कई भक्तों ने मन्नत पूरी होने पर विशेष पूजन किया।
महादेव झारखंडी शिव मंदिर, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ, मोहद्दीपुर स्थित शिवाला नगर सिद्धपीठ, बेतियाहाता स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, दाउदपुर स्थित श्री महाकाली मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, गोरखनाथ स्थित मानसरोवर पोखरे के पास स्थित मंदिर, तारामंडल रोड स्थित प्राचीन संकट मोचन मंदिर, सिद्धार्थ इनक्लेव स्थित शिवाला मंदिर में भक्त बड़ी तादाद में भक्त पहुंचे। लंबे इंतजार के बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल-माला, गंगाजल, शहर दूध और दही आदि से शिव का अभिषेक किया। मंदिरों में भोर से ही भक्त पहुंचने लगे थे। उधर, बांसगांव से भजन-जागरण मंडली ने हरे कृष्णा-हरे रामा, श्री राम-जानकी बैठे है मेरे सीने में, दुनिया चले न श्रीराम के बिना, अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो-दर पे सुदामा गरीब आ गया है जैसे भजन गाकर संगत को सराबोर किया।
पुत्र प्राप्ति पर कथा सुनने आया
काफी मन्नतों के बाद पुत्र पैदा हुआ तो रिश्तेदारों के साथ सत्यनारायण की कथा सुनने का संकल्प लिया था। सोमवार को 90 से 100 लोगों के साथ महादेव झारखंडी मंदिर पहुंचकर कथा सुनी।
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- कन्हैया लाल, मगहर, संतकबीरनगर
कथा श्रवण से मिलती है कष्टों से मुक्ति
कथा सुनने से कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। स्वास्थ्य, समृद्धि और तरक्की संभव होती है। हर किसी को अपने पूरे परिवार के साथ कथा सुननी चाहिए।
- अभय कुमार गुप्ता, शिवपुर
रुद्राभिषेक का विशेष महत्व
शिव वास के समय रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इससे हर तरह की दुख, तकलीफ से निजात मिलती है।
- पंडित नरेंद्र उपाध्याय, ज्योतिषाचार्य
सावन के तीसरे सोमवार पर शहर ही नहीं गांवों के भी शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। भोर से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। नंगे पांव, कलश लिए भक्त हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए जलाभिषेक करने पहुंचे और शिव से आशीष मांगा। मंदिरों और घरों में रुद्राभिषेक कर शिव के प्रति श्रद्धा निवेदित की गई। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ। कथाएं सुनी गईं। कई भक्तों ने मन्नत पूरी होने पर विशेष पूजन किया।
महादेव झारखंडी शिव मंदिर, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ, मोहद्दीपुर स्थित शिवाला नगर सिद्धपीठ, बेतियाहाता स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, दाउदपुर स्थित श्री महाकाली मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, गोरखनाथ स्थित मानसरोवर पोखरे के पास स्थित मंदिर, तारामंडल रोड स्थित प्राचीन संकट मोचन मंदिर, सिद्धार्थ इनक्लेव स्थित शिवाला मंदिर में भक्त बड़ी तादाद में भक्त पहुंचे। लंबे इंतजार के बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल-माला, गंगाजल, शहर दूध और दही आदि से शिव का अभिषेक किया। मंदिरों में भोर से ही भक्त पहुंचने लगे थे। उधर, बांसगांव से भजन-जागरण मंडली ने हरे कृष्णा-हरे रामा, श्री राम-जानकी बैठे है मेरे सीने में, दुनिया चले न श्रीराम के बिना, अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो-दर पे सुदामा गरीब आ गया है जैसे भजन गाकर संगत को सराबोर किया।
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पुत्र प्राप्ति पर कथा सुनने आया
काफी मन्नतों के बाद पुत्र पैदा हुआ तो रिश्तेदारों के साथ सत्यनारायण की कथा सुनने का संकल्प लिया था। सोमवार को 90 से 100 लोगों के साथ महादेव झारखंडी मंदिर पहुंचकर कथा सुनी।
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- कन्हैया लाल, मगहर, संतकबीरनगर
कथा श्रवण से मिलती है कष्टों से मुक्ति
कथा सुनने से कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। स्वास्थ्य, समृद्धि और तरक्की संभव होती है। हर किसी को अपने पूरे परिवार के साथ कथा सुननी चाहिए।
- अभय कुमार गुप्ता, शिवपुर
रुद्राभिषेक का विशेष महत्व
शिव वास के समय रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इससे हर तरह की दुख, तकलीफ से निजात मिलती है।
- पंडित नरेंद्र उपाध्याय, ज्योतिषाचार्य