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खतरे के बीच चल रही बिजली व्यवस्था
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:19 AM IST
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कुशीनगर। विद्युत वितरण खंड पडरौना के बिजली घर में अव्यवस्था के बीच आपूर्ति की जा रही है। न केवल खुद विद्युत कर्मियों की जान जोखिम में रहती है, बल्कि उपभोक्ताओं और राह चलते लोगों के साथ भी हादसा हो सकता है। बिजली घर के मेन पैनल की पीटी (पोटेंशियल ट्रांसफार्मर) का मीटर करीब 25 दिन से खराब होने के कारण यह पता नहीं चल पा रहा कि यहां बिजली कितनी आ रही है। इतना ही नहीं विद्युत कर्मियों को फटे ग्लब्स पहनकर ही काम करना पड़ रहा है। परसौनी में पडरौना के टाउन नंबर-दो और दुदही फीडर की लाइन एक-दूसरे को क्रास करती हैं। ऐसी दशा में फाल्ट होने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पडरौना बिजली घर के मेन पैनल में पीटी मीटर लगा है, जिससे यह पता चल सके कि कसया के 132 केवी पावर हाउस से कितनी बिजली मिल रही है। यह मीटर करीब 25 दिन से खराब है। अधिक वोल्टेज आने पर अगर उसका पता समय से न चले तो उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा बिजली घर के मेन ट्रांसफार्मर में लगा टीपीएमओ (ट्रिपल पोल मैनुअली ऑपरेटेड) स्विच भी एक साल से खराब है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस स्विच के खराब होने के चलते किसी भी फाल्ट को ठीक करने के लिए कसया पावर हाउस से बिजली कटवानी पड़ती है, इसका असर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है। इस बिजली घर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विभाग कितना संजीदा है, इसका अंदाजा सिर्फ इससे लगाया जा सकता है कि इनके ग्लब्स फट चुके हैं। फटे ग्लब्स पहनकर ही उन्हें काम करना पड़ता है, जिसके चलते उन्हें करंट लगने का हमेशा खतरा बना रहता है। कर्मचारी बताते हैं कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन नए ग्लब्स नहीं मिले।
इसके अलावा परसौनी में पडरौना के टाउन-2 और दुदही फीडर की लाइन एक-दूसरे को काफी करीब से क्रास करती है। कोई हादसा न हो, इसलिए टाउन-2 में कोई गड़बड़ी आती है तो दुदही फीडर की लाइन बंद करनी पड़ती है और दुदही फीडर में खराबी आने पर टाउन-2 की बिजली काटनी पड़ती है। विभाग के कर्मचारियों की जरा सी असावधानी इस लाइन के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरनाक हो सकती है। अभी बुधवार को ही दुदही फीडर के अंतर्गत फाल्ट ठीक करने के लिए पडरौना के टाउन नंबर-दो की बिजली काटनी पड़ी थी। इस वजह से दोनों फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से जूझना पड़ा था।
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इस संबंध में पडरौना विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन संजय कुमार यादव का कहना है कि जब से पैनल का मीटर खराब है, तब से कसया से आने वाली बिजली के बारे में ट्रांसमिशन से नियमित जानकारी ली जाती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के ग्लब्स फटे होने की जानकारी नहीं थी, इसे जल्द बदल दिया जाएगा। इसके अलावा टीपीएमओ का उपयोग अब नहीं रह गया है। जहां तक टाउन-2 और दुदही फीडर की लाइन क्रास करने की बात है तो उसका सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद लाइन अलग-अलग शिफ्ट कर दी जाएगी।
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पडरौना बिजली घर के मेन पैनल में पीटी मीटर लगा है, जिससे यह पता चल सके कि कसया के 132 केवी पावर हाउस से कितनी बिजली मिल रही है। यह मीटर करीब 25 दिन से खराब है। अधिक वोल्टेज आने पर अगर उसका पता समय से न चले तो उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा बिजली घर के मेन ट्रांसफार्मर में लगा टीपीएमओ (ट्रिपल पोल मैनुअली ऑपरेटेड) स्विच भी एक साल से खराब है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस स्विच के खराब होने के चलते किसी भी फाल्ट को ठीक करने के लिए कसया पावर हाउस से बिजली कटवानी पड़ती है, इसका असर बिजली आपूर्ति पर पड़ता है। इस बिजली घर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विभाग कितना संजीदा है, इसका अंदाजा सिर्फ इससे लगाया जा सकता है कि इनके ग्लब्स फट चुके हैं। फटे ग्लब्स पहनकर ही उन्हें काम करना पड़ता है, जिसके चलते उन्हें करंट लगने का हमेशा खतरा बना रहता है। कर्मचारी बताते हैं कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन नए ग्लब्स नहीं मिले।
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इसके अलावा परसौनी में पडरौना के टाउन-2 और दुदही फीडर की लाइन एक-दूसरे को काफी करीब से क्रास करती है। कोई हादसा न हो, इसलिए टाउन-2 में कोई गड़बड़ी आती है तो दुदही फीडर की लाइन बंद करनी पड़ती है और दुदही फीडर में खराबी आने पर टाउन-2 की बिजली काटनी पड़ती है। विभाग के कर्मचारियों की जरा सी असावधानी इस लाइन के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरनाक हो सकती है। अभी बुधवार को ही दुदही फीडर के अंतर्गत फाल्ट ठीक करने के लिए पडरौना के टाउन नंबर-दो की बिजली काटनी पड़ी थी। इस वजह से दोनों फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से जूझना पड़ा था।
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इस संबंध में पडरौना विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन संजय कुमार यादव का कहना है कि जब से पैनल का मीटर खराब है, तब से कसया से आने वाली बिजली के बारे में ट्रांसमिशन से नियमित जानकारी ली जाती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के ग्लब्स फटे होने की जानकारी नहीं थी, इसे जल्द बदल दिया जाएगा। इसके अलावा टीपीएमओ का उपयोग अब नहीं रह गया है। जहां तक टाउन-2 और दुदही फीडर की लाइन क्रास करने की बात है तो उसका सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद लाइन अलग-अलग शिफ्ट कर दी जाएगी।