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इंसेफेलाइटिस से और सात मरीजों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 03 Oct 2016 08:30 PM IST
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मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में बीते 48 घंटे के भीतर इंसेफेलाटिस से पीड़ित सात और मरीजों ने दम तोड़ दिया। यहां जनवरी से अब तक इस बीमारी से 324 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान समय में 26 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है।
मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ने से इलाज में दिक्कतें आने लगी हैं। वर्तमान समय में 111 मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर मरीजों को संभालने की कोशिश तो कर रहे हैं, मगर दबी जुबान से स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज को लेकर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
इतनी अधिक मौतों की वजह इलाज में लापरवाही है या फिर समय से इलाज न मिल पाना, यह कह पाना मुश्किल है लेकिन लगातार बढ़ रहे आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की परेशानी का कारण हैं। पिछले 48 घंटे में गोरखपुर गोरखनाथ के फिरोज (10), देवरिया, बैतालपुर की श्रीमती (13), रामपुर कारखाने की रागिनी (5), कुशीनगर, बिशुनपुर की मनीषा (12), महराजगंज, पारतावल की तौफिया अहमद (7), बिहार के गोपालनगंज की अंजनी (10) और सिद्धार्थनगर के दिलशाद अहमद (6) की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर के दस, सिद्धार्थनगर के पांच, कुशीनगर के तीन, बिहार और संतकबीरनगर के दो-दो, देवरिया, बस्ती, गोंडा, महराजगंज के एक-एक मरीजों को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक 1245 मरीज आ चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ने से इलाज में दिक्कतें आने लगी हैं। वर्तमान समय में 111 मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर मरीजों को संभालने की कोशिश तो कर रहे हैं, मगर दबी जुबान से स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज को लेकर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
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इतनी अधिक मौतों की वजह इलाज में लापरवाही है या फिर समय से इलाज न मिल पाना, यह कह पाना मुश्किल है लेकिन लगातार बढ़ रहे आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की परेशानी का कारण हैं। पिछले 48 घंटे में गोरखपुर गोरखनाथ के फिरोज (10), देवरिया, बैतालपुर की श्रीमती (13), रामपुर कारखाने की रागिनी (5), कुशीनगर, बिशुनपुर की मनीषा (12), महराजगंज, पारतावल की तौफिया अहमद (7), बिहार के गोपालनगंज की अंजनी (10) और सिद्धार्थनगर के दिलशाद अहमद (6) की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर के दस, सिद्धार्थनगर के पांच, कुशीनगर के तीन, बिहार और संतकबीरनगर के दो-दो, देवरिया, बस्ती, गोंडा, महराजगंज के एक-एक मरीजों को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक 1245 मरीज आ चुके हैं।
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