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एचएचबी कोच लगने से बढ़ सकता है बेडरोल का संकट
Wed, 03 Apr 2019 12:48 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:48 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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अभी खपत और उपलब्धता बराबर है। इस वर्ष सभी ट्रेनों में एचएचबी कोच लगाए जाने हैं। वहीं स्पेशल ट्रेनों में बेडरोल (चद्दर, कंबल, तकिया) उपलब्ध कराने की चुनौती होगी। रेल प्रशासन ने विकल्प के रूप में अब मैकेनाइज्ड लांड्री की क्षमता बढ़ाकर दोगुना करने की तैयारी की है। इसके लिए यांत्रिक कारखाना की 85 वर्ग फीट जमीन पर लांड्री का वर्कशाप बनेगा। फरवरी 2019 में बने प्रस्ताव को यांत्रिक कारखाना ने अब सहमति दे दी है।
गोरखपुर से प्रारंभिक यात्रा शुरू करने वाली 28 ट्रेनों में मैकेनाइज्ड लांड्री से बेडरोल की सप्लाई दी जाती है। इसमें हमसफर एक्सप्रेस में सभी कोच एसी थ्री के हैं। रेल प्रशासन ने धीरे-धीरे एलएचबी कोच लगाने शुरू किए है। आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान समय में मैकेनाइज्ड लांड्री की क्षमता 8.54 टन (7756 बेडरोल पैकेट) की है। एक पैकेट में दो बेड शीट, एक तकिए का कवर एवं एक नैपकीन या छोटा तौलिया होता है। नई मशीने लगने के बाद क्षमता बढ़कर 12.48 टन (13241) हो जाएगी। सीनियर सीडीओ देवऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि महत्वपूर्ण ट्रेनों की मानीटरिंग खुद कर रहे हैं। यात्रियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। एलएचबी कोच लगने से बेडशीट की मांग बढ़ेगी, इसे देखते हुए लांड्री की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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गोरखपुर से प्रारंभिक यात्रा शुरू करने वाली 28 ट्रेनों में मैकेनाइज्ड लांड्री से बेडरोल की सप्लाई दी जाती है। इसमें हमसफर एक्सप्रेस में सभी कोच एसी थ्री के हैं। रेल प्रशासन ने धीरे-धीरे एलएचबी कोच लगाने शुरू किए है। आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान समय में मैकेनाइज्ड लांड्री की क्षमता 8.54 टन (7756 बेडरोल पैकेट) की है। एक पैकेट में दो बेड शीट, एक तकिए का कवर एवं एक नैपकीन या छोटा तौलिया होता है। नई मशीने लगने के बाद क्षमता बढ़कर 12.48 टन (13241) हो जाएगी। सीनियर सीडीओ देवऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि महत्वपूर्ण ट्रेनों की मानीटरिंग खुद कर रहे हैं। यात्रियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। एलएचबी कोच लगने से बेडशीट की मांग बढ़ेगी, इसे देखते हुए लांड्री की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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18124 कंडम बेडशीट स्टोर में जमा
गोरखपुर। वित्तीय वर्ष 25018-19 में 18124 बेडशीट कंडम घोषित किए गए हैं। अब ये इस्तेमाल लायक नहीं हैं। इन्हें स्टोर में जमा कराया गया है। वहीं मैकेनाइज्ड लांड्री को 25 मार्च के बाद 9125 बेडशीट तथा 2026 तकिया मिले हैं।
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