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राम को छत नहीं देने वाले देश को धोखा दे रहे : नरेंद्रानंद
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डेमो
- फोटो : डेमो
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गोरखपुर। सुमेर पीठाधीश्वर काशी स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने राममंदिर निर्माण में बाधा डालने वालों को आडे़ हाथ लेते हुए कहा कि देश के नेता राम के नाम पर भ्रमित कर रहे हैं। राम को छत नहीं देने वाले नेता देश, दुनिया को धोखा दे रहे हैं। वह मुख्य अतिथि के तौर पर अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष धर्म सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कहा कि भारत की अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वालों का चेहरा बेनकाब होना चाहिए। उन्होंने न्यायपालिका के कार्यों की समीक्षा की भी मांग की। कहा, कि धर्म जीवन की जड़ है। विश्व की प्रतिष्ठा की जड़ भी धर्म ही है। हम सब एक साथ मिल कर रहें, एक साथ चलें, एक विचारों से आगे बढ़ें, यही धर्म है। विश्व में सिर्फ वेद की ऋचाओं के पढ़ने से ही शांति आएगी।
उन्होंने मंच से गौरक्षा की भी बात उठाई। कहा कि सब को मिलकर गौरक्षा के लिए आगे आना होगा। शंकराचार्य ने ज्योतिष धर्म सम्मेलन में देश-विदेश से आए सभी ज्योतिषियों को सम्मानित किया। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के कैप्टन डॉ. लेखराज शर्मा, मारीशस से आए प्रकाश, ऑस्ट्रेलिया से आए दीपक ने भी समापन सत्र को संबोधित किया। सम्मेलन के आयोजक ज्योतिषाचार्य धनेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का आभार जताया।
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उन्होंने मंच से गौरक्षा की भी बात उठाई। कहा कि सब को मिलकर गौरक्षा के लिए आगे आना होगा। शंकराचार्य ने ज्योतिष धर्म सम्मेलन में देश-विदेश से आए सभी ज्योतिषियों को सम्मानित किया। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के कैप्टन डॉ. लेखराज शर्मा, मारीशस से आए प्रकाश, ऑस्ट्रेलिया से आए दीपक ने भी समापन सत्र को संबोधित किया। सम्मेलन के आयोजक ज्योतिषाचार्य धनेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का आभार जताया।
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ज्योतिष की ताकत बताई, पाखंड पर प्रहार
स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि ज्योतिष में इतनी ताकत है कि वह जनता को धन हानि, जनहानि से बचा सकता है। सरकार को चाहिए कि ज्योतिष के लिए अलग मंत्रालय बनाए। कहा कि सरकार जितना खर्च वैज्ञानिकों पर करती है अगर उसका कुछ प्रतिशत ही ज्योतिषियों पर कर दे तो बड़ी से बड़ी खगोलीय घटनाओं को पहले ही बताया जा सकता है। उन्होंने वर्तमान के कुछ ज्योतिषियों पर तीखा प्रहार भी किया। कहा कि कुछ ज्योतिषी ऐसे हैं जो बोर्ड लगा लेते हैं लेकिन उन्हें 12 राशियां भी नहीं आतीं। ऐसे लोगों से हमें बचना चाहिए।
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