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मालवीयंस जापान में करेंगे रिसर्च
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 16 Oct 2017 09:46 PM IST
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय।
- फोटो : Amar Ujala
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मालवीय विश्वविद्यालय और जापान के राईक्यूस यूनिवर्सिटी के बीच सोमवार को एमएमएमयूटी कैंपस में अंतरराष्ट्रीय विनिमय करार हुआ। कुलपति प्रो. एसएन सिंह और राईक्यूस यूनिवर्सिटी के प्रो. टॉमोहिसा वाडा ने एक दूसरे से हाथ मिलाकर करार के पेपर्स का आदान-प्रदान किया।
दोनों विश्वविद्यालयों मेें छात्र विनिमय समझौता पर पहले भी करार हो चुका है। इस समझौते के मुताबिक दोनों विश्वविद्यालय शैक्षणिक अध्ययन, रिसर्च एवं विकास के क्षेत्र पर परस्पर सहयोग एवं आदान-प्रदान से नए युग की शुरूआत करेंगे। कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि यह समझौता अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेंगे और दोनों विश्वविद्यालयों की आपसी सहमति के आधार पर इसे और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि करार के बाद दोनों विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राएं एक-दूसरे के विश्वविद्यालय जा सकेंगे, जिसके फलस्वरूप संयुक्त परियोजनाओं के क्रियान्वयन, शोध प्रपत्रों के प्रकाशन, सूचनाओं के आदान-प्रदान, संगोष्ठियों एवं सम्मेलनों की संयुक्त मेजबानी और अन्य सहयोग के साथ शोध कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। इस मौके पर समझौता करार समन्वयक डॉ. गोविंद पांडेय, कुलसचिव डॉ. यूसी जायसवाल, वित्त नियंत्रक दयाशंकर सिंह सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित थे।
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मालवीय विश्वविद्यालय का लिया जायजा
इससे पूर्व जापानी टीम के प्रो. टॉमोहिसा वाडा, प्रो. मिनोरू यागा, प्रो. मसोटो साइटो, छात्र ताकुमी नागाहामा, छात्रा शिहो ओशिरो ने मालवीय विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस और अभियांत्रिकी विभाग का जायजा लिया। इस दौरान मालवीयंस से रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। जापानी दल के सदस्य विश्वविद्यालय के समस्त शैक्षणिक विभागों, केंद्रीयकृत सुविधाओं, पुस्तकालय एवं छात्रावास का भी जायजा लिया।
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दोनों विश्वविद्यालयों मेें छात्र विनिमय समझौता पर पहले भी करार हो चुका है। इस समझौते के मुताबिक दोनों विश्वविद्यालय शैक्षणिक अध्ययन, रिसर्च एवं विकास के क्षेत्र पर परस्पर सहयोग एवं आदान-प्रदान से नए युग की शुरूआत करेंगे। कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि यह समझौता अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेंगे और दोनों विश्वविद्यालयों की आपसी सहमति के आधार पर इसे और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि करार के बाद दोनों विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राएं एक-दूसरे के विश्वविद्यालय जा सकेंगे, जिसके फलस्वरूप संयुक्त परियोजनाओं के क्रियान्वयन, शोध प्रपत्रों के प्रकाशन, सूचनाओं के आदान-प्रदान, संगोष्ठियों एवं सम्मेलनों की संयुक्त मेजबानी और अन्य सहयोग के साथ शोध कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। इस मौके पर समझौता करार समन्वयक डॉ. गोविंद पांडेय, कुलसचिव डॉ. यूसी जायसवाल, वित्त नियंत्रक दयाशंकर सिंह सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित थे।
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मालवीय विश्वविद्यालय का लिया जायजा
इससे पूर्व जापानी टीम के प्रो. टॉमोहिसा वाडा, प्रो. मिनोरू यागा, प्रो. मसोटो साइटो, छात्र ताकुमी नागाहामा, छात्रा शिहो ओशिरो ने मालवीय विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस और अभियांत्रिकी विभाग का जायजा लिया। इस दौरान मालवीयंस से रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। जापानी दल के सदस्य विश्वविद्यालय के समस्त शैक्षणिक विभागों, केंद्रीयकृत सुविधाओं, पुस्तकालय एवं छात्रावास का भी जायजा लिया।