{"_id":"59b2f18e4f1c1bf67f8b52b0","slug":"61504899470-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनिवर्सिटी हॉस्टल में पुलिस का तांडव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनिवर्सिटी हॉस्टल में पुलिस का तांडव
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
छात्रसंघ चुनाव टाले जाने को लेकर हुए हंगामें को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबंधित तीन हॉस्टलों में पुलिस ने एक-एक कमरे की तलाशी ली। जो जहां मिला, उसे खूब पीटा। यह सिलसिला करीब तीन घंटे तक चला। पुलिस की पिटाई से कई छात्रों के कपड़े फट गए। यही नहीं उनकी बनियान तक फटी मिली। कई छात्रों को पुलिस ने अंडरवियर और बनियान में ही उठा लिया और थाने ले गई। पुलिस की मार से तमाम छात्र कराहते दिखे। किसी का सिर फटा तो कोई फैक्चर की बात कहता रहा।
शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब हॉस्टल गेट पर जुटे छात्रों को पुलिस ने अंदर जाने को कहा। इस पर छात्र उग्र हुए और बवाल करने लगे। जब पुलिस ने लाठी भांजी तो वे भागकर हॉस्टल में घुस गए और गेट का ताला अंदर से बंदकर पुलिस से गालीगलौज करने लगे। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के तलाशी का फैसला लिया। इसी का नतीजा रहा कि पुलिस गेट का ताला तोड़कर नाथ चंद्रावात (एनसी) छात्रावास में घुस गई। यह देख तमाम छात्र भागने लगे और कुछ कमरों में जा दुबके। पुलिस ने सबको घेरकर पीटा। जो कमरे अंदर से बंद थे, उन्हें धक्का देकर खोला। कुछ दरवाजे तोड़े। पुलिस ने संत कबीर और विवेकानंद छात्रावास में भी सर्च ऑपरेशन चलाया। हर कमरे को खाली कराया और उत्पात करने वालों को हिरासत में लिया। घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला चलता रहा।
सीएम ने यूनिवर्सिटी मामले की जानकारी ली
गोरखपुर पहुंचने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से छात्रों बवाल की जानकारी ली। डीएम, एसएसपी ने पूरी रिपोर्ट दी और कहा कि स्थिति काबू में है। बवाल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
विज्ञापन
वीडियो वायरल किया
एनसी सहित अन्य हॉस्टल के छात्रों ने वीडियो वायरल करके पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में घुसी पुलिस ने तोड़फोड़ की है। कुर्सी, मेज पलट दिए। साइकिलों को भी तोड़ डाला है। इसके साथ ही छात्रों को बर्बरता से पीटा गया है। अपनी कारस्तानी को छुपाने के लिए ही हॉस्टल के आसपास मीडिया को फटकने नहीं दिया।
राहगीरों को नहीं बख्शा
चुनाव टाले जाने से खफा छात्रों ने ईंटों और पत्थरों से पथराव कर सड़कों को पाट दिया। वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। इस दौरान बवाली छात्रों ने राहगीरों को भी नहीं बख्शा। शिक्षकों के साथ भी अभद्रता की। इतना ही नहीं मुंह पर रुमाल बांधकर कुछ छात्र पुलिस कर्मचारियों को गाली देते मिले। पथराव करके आसपास की सरकारी और गैर सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
प्रशासनिक भवन की बिजली काटी
लाठीचार्ज से गुस्साए छात्रों ने प्रशासनिक भवन की बिजली ठप कर दी। गेट के बाहर से डंडा मारकर तार का कनेक्शन काट दिया। छात्रों के उग्र तेवर से यूनिवर्सिटी के अफसर, कर्मचारी भी सहमे भी दिखे।
निर्दोष छात्र भी परेशान, हॉस्टल छोड़ा
छात्रसंघ चुनाव से जिन छात्रों का कोई लेना-देना नहीं है, वह भी पुलिस की बर्बरता के शिकार हो गए। सब सहमे रहे। कुछ छात्र ऐसे रहे, जो निर्दोष होते हुए भी पुलिस की लाठी का शिकार बने। पुलिस की कार्रवाई से छात्रों में दहशत सा माहौल रहा। सैकड़ों छात्र हॉस्टल छोड़कर घर चले गए। ज्यादातर हॉस्टल में सन्नाटा पसरा है। सबको पुलिस के छापेमारी और कार्रवाई का डर सता रहा है।
दो एसपी, चार सीओ और कई थानेदारों की लगी ड्यूटी
छात्रों के उत्पात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दो एसपी, चार सीओ और कई थानेदारों की ड्यूटी लगा दी। पुलिस और पीएसी से यूनिवर्सिटी कैंपस, हॉस्टल को छावनी में तब्दील कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस बवाल पर काबू पा सकी। पुलिस सूत्रों की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा की सुरक्षा के लिए बाहर से आई फोर्स को भी बवाल वाली जगह भेज दिया गया। करीब 300 पुलिस कर्मचारियों को लगाने का दावा किया गया है।
छात्रसंघ चुनाव टाले जाने को लेकर हुए हंगामें को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबंधित तीन हॉस्टलों में पुलिस ने एक-एक कमरे की तलाशी ली। जो जहां मिला, उसे खूब पीटा। यह सिलसिला करीब तीन घंटे तक चला। पुलिस की पिटाई से कई छात्रों के कपड़े फट गए। यही नहीं उनकी बनियान तक फटी मिली। कई छात्रों को पुलिस ने अंडरवियर और बनियान में ही उठा लिया और थाने ले गई। पुलिस की मार से तमाम छात्र कराहते दिखे। किसी का सिर फटा तो कोई फैक्चर की बात कहता रहा।
शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब हॉस्टल गेट पर जुटे छात्रों को पुलिस ने अंदर जाने को कहा। इस पर छात्र उग्र हुए और बवाल करने लगे। जब पुलिस ने लाठी भांजी तो वे भागकर हॉस्टल में घुस गए और गेट का ताला अंदर से बंदकर पुलिस से गालीगलौज करने लगे। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के तलाशी का फैसला लिया। इसी का नतीजा रहा कि पुलिस गेट का ताला तोड़कर नाथ चंद्रावात (एनसी) छात्रावास में घुस गई। यह देख तमाम छात्र भागने लगे और कुछ कमरों में जा दुबके। पुलिस ने सबको घेरकर पीटा। जो कमरे अंदर से बंद थे, उन्हें धक्का देकर खोला। कुछ दरवाजे तोड़े। पुलिस ने संत कबीर और विवेकानंद छात्रावास में भी सर्च ऑपरेशन चलाया। हर कमरे को खाली कराया और उत्पात करने वालों को हिरासत में लिया। घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला चलता रहा।
विज्ञापन
सीएम ने यूनिवर्सिटी मामले की जानकारी ली
गोरखपुर पहुंचने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से छात्रों बवाल की जानकारी ली। डीएम, एसएसपी ने पूरी रिपोर्ट दी और कहा कि स्थिति काबू में है। बवाल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
विज्ञापन
वीडियो वायरल किया
एनसी सहित अन्य हॉस्टल के छात्रों ने वीडियो वायरल करके पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में घुसी पुलिस ने तोड़फोड़ की है। कुर्सी, मेज पलट दिए। साइकिलों को भी तोड़ डाला है। इसके साथ ही छात्रों को बर्बरता से पीटा गया है। अपनी कारस्तानी को छुपाने के लिए ही हॉस्टल के आसपास मीडिया को फटकने नहीं दिया।
राहगीरों को नहीं बख्शा
चुनाव टाले जाने से खफा छात्रों ने ईंटों और पत्थरों से पथराव कर सड़कों को पाट दिया। वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। इस दौरान बवाली छात्रों ने राहगीरों को भी नहीं बख्शा। शिक्षकों के साथ भी अभद्रता की। इतना ही नहीं मुंह पर रुमाल बांधकर कुछ छात्र पुलिस कर्मचारियों को गाली देते मिले। पथराव करके आसपास की सरकारी और गैर सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
प्रशासनिक भवन की बिजली काटी
लाठीचार्ज से गुस्साए छात्रों ने प्रशासनिक भवन की बिजली ठप कर दी। गेट के बाहर से डंडा मारकर तार का कनेक्शन काट दिया। छात्रों के उग्र तेवर से यूनिवर्सिटी के अफसर, कर्मचारी भी सहमे भी दिखे।
निर्दोष छात्र भी परेशान, हॉस्टल छोड़ा
छात्रसंघ चुनाव से जिन छात्रों का कोई लेना-देना नहीं है, वह भी पुलिस की बर्बरता के शिकार हो गए। सब सहमे रहे। कुछ छात्र ऐसे रहे, जो निर्दोष होते हुए भी पुलिस की लाठी का शिकार बने। पुलिस की कार्रवाई से छात्रों में दहशत सा माहौल रहा। सैकड़ों छात्र हॉस्टल छोड़कर घर चले गए। ज्यादातर हॉस्टल में सन्नाटा पसरा है। सबको पुलिस के छापेमारी और कार्रवाई का डर सता रहा है।
दो एसपी, चार सीओ और कई थानेदारों की लगी ड्यूटी
छात्रों के उत्पात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दो एसपी, चार सीओ और कई थानेदारों की ड्यूटी लगा दी। पुलिस और पीएसी से यूनिवर्सिटी कैंपस, हॉस्टल को छावनी में तब्दील कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस बवाल पर काबू पा सकी। पुलिस सूत्रों की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा की सुरक्षा के लिए बाहर से आई फोर्स को भी बवाल वाली जगह भेज दिया गया। करीब 300 पुलिस कर्मचारियों को लगाने का दावा किया गया है।