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बच्चों की मौत का कारण जानने पहुंचे अफसर
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:56 AM IST
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गोरखपुर।
कमिश्नर अनिल कुमार और डीएम राजीव रौतेला मासूमों की मौतों का कारण जानने के लिए बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह से मिलकर इस बाबत जानकारी हासिल की। इसके बाद दोनों ने 100 बेड वार्ड का निरीक्षण किया।
मंगलवार को बीते 48 घंटों में 42 मासूमों की मौत को लेकर हल्ला मचा तो सुबह ही डीएम ने एडीएम समेत एसपी नार्थ को मामले की जानकारी लेने के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। इनसे डीएम ने मामले की जानकारी ली। इसके बाद शाम चार बजे कमिश्नर अनिल कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कुछ देर में डीएम राजीव रौतेला भी परिसर में दाखिल हुए। दोनों अफसरों ने पहले प्राचार्य से पूरे मामले की जानकारी ली। प्राचार्य ने सारे तथ्य बताए। जानकारी दी कि सर्वाधिक मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में हुईं। प्री मेच्योर बेबी दूरदराज से काफी गंभीर हालत में पहुंचते हैं। इनमें से अधिकतर मौतें भर्ती होने के कुछ देर बाद ही हो गईं। प्राचार्य ने इलाज की व्यवस्था में कोई खामी न होने की बात कही। इसके बाद डीएम और कमिश्नर 100 बेड वार्ड पहुंचे। यहां एक-एक वार्ड का निरीक्षण किया। तीमारदारों से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद कमिश्नर अनिल कुमार और डीएम राजीव रौतेला ने व्यवस्था ठीक मिलने की बात कही।
कमिश्नर अनिल कुमार और डीएम राजीव रौतेला मासूमों की मौतों का कारण जानने के लिए बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह से मिलकर इस बाबत जानकारी हासिल की। इसके बाद दोनों ने 100 बेड वार्ड का निरीक्षण किया।
मंगलवार को बीते 48 घंटों में 42 मासूमों की मौत को लेकर हल्ला मचा तो सुबह ही डीएम ने एडीएम समेत एसपी नार्थ को मामले की जानकारी लेने के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। इनसे डीएम ने मामले की जानकारी ली। इसके बाद शाम चार बजे कमिश्नर अनिल कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कुछ देर में डीएम राजीव रौतेला भी परिसर में दाखिल हुए। दोनों अफसरों ने पहले प्राचार्य से पूरे मामले की जानकारी ली। प्राचार्य ने सारे तथ्य बताए। जानकारी दी कि सर्वाधिक मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में हुईं। प्री मेच्योर बेबी दूरदराज से काफी गंभीर हालत में पहुंचते हैं। इनमें से अधिकतर मौतें भर्ती होने के कुछ देर बाद ही हो गईं। प्राचार्य ने इलाज की व्यवस्था में कोई खामी न होने की बात कही। इसके बाद डीएम और कमिश्नर 100 बेड वार्ड पहुंचे। यहां एक-एक वार्ड का निरीक्षण किया। तीमारदारों से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद कमिश्नर अनिल कुमार और डीएम राजीव रौतेला ने व्यवस्था ठीक मिलने की बात कही।
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