{"_id":"598630754f1c1b0b028b4721","slug":"61501966453-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के तीन महीने की मोहलत में रास्ता ढूंढेगा गीडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के तीन महीने की मोहलत में रास्ता ढूंढेगा गीडा
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। पिपरा और तेनुहारी की जमीन का अधिग्रहण निरस्त होने के बाद गीडा प्रशासन विभिन्न संभावनाओं की तलाश में लगा हुआ है। शनिवार को अधिकारियों ने हालात पर मंथन किया।
गीडा की सीईओ हर्षिता माथुर ने कहा कि कोर्ट ने तीन महीने का समय दिया है। हालांकि अभी कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन वकील से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट ने हमें तीन माह का समय दिया है। लिहाजा इन तीन महीनों में हम अधिग्रहण के निरस्त होने के बाद की संभावनाओं पर विमर्श करेंगेे। कमिश्नर के समक्ष पूरा मसला रखा जाएगा। इसके बाद जो भी निर्णय होगा, उस अनुरूप काम किया जाएगा।
52 उद्यमियों को आवंटित हुआ है प्लॉट
पिपरा और तेनुहारी की 270.35 एकड़ जमीन 52 आवंटियों को आवंटित की गई है। इसमें 84 एकड़ अशोक जालान और 50 एकड़ जमीन अंबे फाइबर को आवंटित की गई है। शेष 50 उद्यमियों को। 1078 किसानों में से जिन 262 किसानों ने मुआवजा ले लिया था, उनकी जमीन उद्यमियों को दे दी गई, लेकिन काफी जमीन का पजेशन किसानों को नहीं मिला। ऐसे में भू अधिग्रहण कानून 2013 की नई शर्तों पर किसानों से समझौता करना पड़ेगा।
गीडा की सीईओ हर्षिता माथुर ने कहा कि कोर्ट ने तीन महीने का समय दिया है। हालांकि अभी कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन वकील से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट ने हमें तीन माह का समय दिया है। लिहाजा इन तीन महीनों में हम अधिग्रहण के निरस्त होने के बाद की संभावनाओं पर विमर्श करेंगेे। कमिश्नर के समक्ष पूरा मसला रखा जाएगा। इसके बाद जो भी निर्णय होगा, उस अनुरूप काम किया जाएगा।
विज्ञापन
52 उद्यमियों को आवंटित हुआ है प्लॉट
पिपरा और तेनुहारी की 270.35 एकड़ जमीन 52 आवंटियों को आवंटित की गई है। इसमें 84 एकड़ अशोक जालान और 50 एकड़ जमीन अंबे फाइबर को आवंटित की गई है। शेष 50 उद्यमियों को। 1078 किसानों में से जिन 262 किसानों ने मुआवजा ले लिया था, उनकी जमीन उद्यमियों को दे दी गई, लेकिन काफी जमीन का पजेशन किसानों को नहीं मिला। ऐसे में भू अधिग्रहण कानून 2013 की नई शर्तों पर किसानों से समझौता करना पड़ेगा।
विज्ञापन