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परिवार नियोजन में फिसड्डी है सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:55 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन के उपायों को अपनाने में सिद्धार्थनगर फिसड्डी है। जिले की प्रजनन दर औसत से काफी अधिक है तो पुरुष नसबंदी के मामले में भी जिला काफी पीछे है। वर्ष 2016-17 में सिर्फ 23 पुरुषों की ही जिले में नसबंदी हो पाई, जबकि 1750 महिलाओं की नसबंदी की गई।
तेजी से बढ़ रही जनसंख्या हर क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ा रही है। जनसंख्या विस्फोट से बचने के लिए सरकार लगातार जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन पर जोर दे रही है। तरह-तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से इस बाबत लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। जिले में इन कार्यक्रमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में प्रजनन दर 4.8 है, जो प्रदेश के औसत 3.3 से काफी अधिक है। प्रोत्साहन योजना के बाद भी नसबंदी में लोगों का रुझान नहीं बढ़ रहा। इसके लिए जागरूकता की कमी और संसाधनों के अभाव को कारण माना जा रहा है। सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन अपनाने के प्रति लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष पुरुष सर्जन की तैनाती न होने से नसबंदी कार्यक्रम प्रभावित रहा है।
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तेजी से बढ़ रही जनसंख्या हर क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ा रही है। जनसंख्या विस्फोट से बचने के लिए सरकार लगातार जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन पर जोर दे रही है। तरह-तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से इस बाबत लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। जिले में इन कार्यक्रमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में प्रजनन दर 4.8 है, जो प्रदेश के औसत 3.3 से काफी अधिक है। प्रोत्साहन योजना के बाद भी नसबंदी में लोगों का रुझान नहीं बढ़ रहा। इसके लिए जागरूकता की कमी और संसाधनों के अभाव को कारण माना जा रहा है। सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन अपनाने के प्रति लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पिछले वर्ष पुरुष सर्जन की तैनाती न होने से नसबंदी कार्यक्रम प्रभावित रहा है।
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