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रामनवमी पर देवी मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब
Sun, 14 Apr 2019 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 12:10 AM IST
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धर्म समधा मंदिर में रामनवमी पर हवन पूजन करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। रामनवमी के अवसर पर शनिवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से भी भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के समक्ष नारियल, चुनरी, कपूर, अगरबत्ती सहित अन्य पूजन सामग्रियां चढ़ाकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की मन्नतें मांगीं।
पूरे नवरात्र उपवास करने वाले श्रद्धालुओं ने जहां कन्या पूजन किया, वहीं चैत्र नवरात्र के समापन के अवसर पर देवी मंदिरों के बाहर हवन-पूजन भी हुआ। दोपहर बाद देवी मंदिरों के बाहर महिला श्रद्धालुओं ने खप्पर, कड़ाही चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश की। मंदिरों के बाहर मेला लगा रहा, जहां बच्चों ने खिलौने और मिठाइयां खरीदीं तो महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन का सामान खरीदा।
पडरौना नगर के गायत्री माता मंदिर, छावनी के दुर्गा मंदिर एवं हठी माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही पूजा-अर्चना की। खिरकिया माता मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। यहां महिलाओं ने मां दुर्गा को खप्पर और कड़ाही भी चढ़ाई। यहां मेले में लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा।
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नगर से सटे बलुचहां स्थित लखरांव मंदिर (सायरी माता मंदिर) में हर साल की भांति भव्य मेला लगा था। नगर के शिवाला मंदिर से निकली मां काली की भव्य शोभा यात्रा नगर भ्रमण के बाद देर शाम लखरांव मंदिर पहुंची, जहां उनकी स्थापना की गई। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लखरांव मेले में भी पडरौना शहर के अलावा बलुचहां, देवरिया पांडेय, पगरा, छावनी, लाला टोला सहित अनेक गांवों के लोगों ने आकर मेला का लुत्फ उठाया।
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पूरे नवरात्र उपवास करने वाले श्रद्धालुओं ने जहां कन्या पूजन किया, वहीं चैत्र नवरात्र के समापन के अवसर पर देवी मंदिरों के बाहर हवन-पूजन भी हुआ। दोपहर बाद देवी मंदिरों के बाहर महिला श्रद्धालुओं ने खप्पर, कड़ाही चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश की। मंदिरों के बाहर मेला लगा रहा, जहां बच्चों ने खिलौने और मिठाइयां खरीदीं तो महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन का सामान खरीदा।
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पडरौना नगर के गायत्री माता मंदिर, छावनी के दुर्गा मंदिर एवं हठी माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने सुबह से ही पूजा-अर्चना की। खिरकिया माता मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। यहां महिलाओं ने मां दुर्गा को खप्पर और कड़ाही भी चढ़ाई। यहां मेले में लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा।
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नगर से सटे बलुचहां स्थित लखरांव मंदिर (सायरी माता मंदिर) में हर साल की भांति भव्य मेला लगा था। नगर के शिवाला मंदिर से निकली मां काली की भव्य शोभा यात्रा नगर भ्रमण के बाद देर शाम लखरांव मंदिर पहुंची, जहां उनकी स्थापना की गई। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लखरांव मेले में भी पडरौना शहर के अलावा बलुचहां, देवरिया पांडेय, पगरा, छावनी, लाला टोला सहित अनेक गांवों के लोगों ने आकर मेला का लुत्फ उठाया।