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पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया समारोह
Tue, 25 Dec 2018 01:33 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 25 Dec 2018 01:33 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती के उपलक्ष्य में गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वाद विवाद प्रतियोगिता, काव्य पाठ, निबंध प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया। गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से ‘राष्ट्रवाद से बड़ा कोई धर्म नहीं’ विषय पर भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं कविता पाठ आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अटल की तरह राष्ट्रधर्म हमारे लिए सर्वोपरि है। हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से काम करना चाहिए। समन्वयक डॉ. केशव सिंह ने राष्ट्र के लिए स्वयंसेवकों का कर्तव्य बोध कराया तथा पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यों तथा सपनों के भारत के बारे में विस्तार से चर्चा की। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मीतू सिंह ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने की चेतना को जगाया। कार्यक्रम में भीमसेन सिंह, केतन यादव, अनुज अग्रहरि, कमलेश यादव, नंदिता चौरसिया, शिवशंकर गुप्ता आदि मौजूद थे।
डीवीएनपीजी कॉलेज में वाद विवाद प्रतियोगिता, भाषण एवं काव्यपाठ का आयोजन किया गया। डॉ. अर्चना सिंह ने अटल विहारी वाजपेयी की कविता ’हार नहीं मानेंगे, रार नहीं ठानेंगे’ सुनाया और इसी पर प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रामेश्वर मिश्र को प्रथम, आशुतोष दुबे को द्वितीय तथा प्रज्ञा तिवारी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस दौरान डॉ. नित्यानंद श्रीवास्तव, डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। डीएवीपीजी कॉलेज में एनएसएस दयानंद इकाई की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि डॉ राजकुमारी पांडेय ने कहा कि राष्ट्रवाद एक बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें राष्ट्र से एक साझी सांप्रदायिक पहचान समावेशित है। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडेय, डॉ. सतीश राय आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अटल की तरह राष्ट्रधर्म हमारे लिए सर्वोपरि है। हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से काम करना चाहिए। समन्वयक डॉ. केशव सिंह ने राष्ट्र के लिए स्वयंसेवकों का कर्तव्य बोध कराया तथा पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यों तथा सपनों के भारत के बारे में विस्तार से चर्चा की। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मीतू सिंह ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने की चेतना को जगाया। कार्यक्रम में भीमसेन सिंह, केतन यादव, अनुज अग्रहरि, कमलेश यादव, नंदिता चौरसिया, शिवशंकर गुप्ता आदि मौजूद थे।
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डीवीएनपीजी कॉलेज में वाद विवाद प्रतियोगिता, भाषण एवं काव्यपाठ का आयोजन किया गया। डॉ. अर्चना सिंह ने अटल विहारी वाजपेयी की कविता ’हार नहीं मानेंगे, रार नहीं ठानेंगे’ सुनाया और इसी पर प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रामेश्वर मिश्र को प्रथम, आशुतोष दुबे को द्वितीय तथा प्रज्ञा तिवारी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस दौरान डॉ. नित्यानंद श्रीवास्तव, डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। डीएवीपीजी कॉलेज में एनएसएस दयानंद इकाई की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि डॉ राजकुमारी पांडेय ने कहा कि राष्ट्रवाद एक बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें राष्ट्र से एक साझी सांप्रदायिक पहचान समावेशित है। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडेय, डॉ. सतीश राय आदि मौजूद रहे।
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