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गोरखपुर में राप्ती पर पत्तन बनेगा : धर्मपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 24 Mar 2018 07:59 PM IST
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सर्किट हाउस में अधिकारियो के साथ बैठक करते धर्मपाल सिंह।
- फोटो : Amar Ujala
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सरकार कम लागत में यातायात और माल ढुलाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की कवायद में जुटी है। इसके लिए नदियों के किनारे बसे प्रदेश के प्रमुख शहरों में पत्तन बनाए जाएंगे। गोरखपुर में राप्ती पर पत्तन बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा प्रथम चरण में अयोध्या, वाराणसी और लखनऊ का भी चयन किया गया है। केंद्रीय सड़क एवं जल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार इस काम को पूरा करने में यूपी सरकार का पूरा सहयोग करेगी।
ये बातें सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहीं। वह शनिवार को सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत एक साल में गोरखपुर का जितना विकास हुआ, उतना किसी सरकार ने 50 वर्षों में नहीं किया। एम्स, फर्टिलाइजर के अलावा एक्सप्रेसवे से गोरखपुर की कनेक्टिविटी के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। राप्ती में गर्मी में पानी की समस्या होती है। उसके निदान के लिए सरयू नहर परियोजना शुरू की गई है। इससे पानी की समस्या दूर होगी ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्या भी खत्म हो जाएगी। बाढ़ पर नियंत्रण से संबंधी परियोजनाओं को हर हाल में अप्रैल तक पूरा किया जाएगा, अन्यथा जिम्मेदारों को दंडित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब तक किसानों को मिट्टी खनन पर रायल्टी देनी पड़ती थी, अब वे बिना किसी परमिशन के अपने कार्य के लिए 10 ट्राली मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। मोरंग और बालू के दाम भी जल्द ही कम हो जाएंगे। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में किसानों की सुविधा के लिए सिंचाई में इजराइली पद्धति के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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जबान पर आ ही गई हार की कसक
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री की जबान पर गोरखपुर उपचुनाव में मिली हार की कसक आ ही गई। उन्होंने यहां की जनता से सवाल किया कि जिस जिले के मुख्यमंत्री इतनी विकास की योजनाएं लेकर आए, आखिर उनके प्रत्याशी को क्यों हरा दिया गया।
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ये बातें सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहीं। वह शनिवार को सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत एक साल में गोरखपुर का जितना विकास हुआ, उतना किसी सरकार ने 50 वर्षों में नहीं किया। एम्स, फर्टिलाइजर के अलावा एक्सप्रेसवे से गोरखपुर की कनेक्टिविटी के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। राप्ती में गर्मी में पानी की समस्या होती है। उसके निदान के लिए सरयू नहर परियोजना शुरू की गई है। इससे पानी की समस्या दूर होगी ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्या भी खत्म हो जाएगी। बाढ़ पर नियंत्रण से संबंधी परियोजनाओं को हर हाल में अप्रैल तक पूरा किया जाएगा, अन्यथा जिम्मेदारों को दंडित किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि अब तक किसानों को मिट्टी खनन पर रायल्टी देनी पड़ती थी, अब वे बिना किसी परमिशन के अपने कार्य के लिए 10 ट्राली मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। मोरंग और बालू के दाम भी जल्द ही कम हो जाएंगे। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में किसानों की सुविधा के लिए सिंचाई में इजराइली पद्धति के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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जबान पर आ ही गई हार की कसक
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री की जबान पर गोरखपुर उपचुनाव में मिली हार की कसक आ ही गई। उन्होंने यहां की जनता से सवाल किया कि जिस जिले के मुख्यमंत्री इतनी विकास की योजनाएं लेकर आए, आखिर उनके प्रत्याशी को क्यों हरा दिया गया।