{"_id":"59a45d684f1c1be0018b45fc","slug":"51503944040-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राप्ती और घाघरा घटीं, घर लौटने लगे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राप्ती और घाघरा घटीं, घर लौटने लगे लोग
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर।राप्ती और घाघरा का जलस्तर लगातार घट रहा है। बावजूद इसके राप्ती अभी भी खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर बह रही है। पानी कम होने से लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौट रहे हैं। वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी कम होने के बाद संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा हैं। सोमवार को राप्ती का जलस्तर 79.76 मीटर था, जो खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर अधिक है। लगातार घटते जलस्तर से बंधे पर दबाव कम हो रहा है। तटबंध पर आए लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। तटबंध पर स्थित बढया ठाठर छावनी व स्टोर रूम पर अभी ड्रेनेज खंड के अधिकारी कैंप कर रहे हैं। इंद्रसेन सिंह, मानवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश यादव, दिलीप गुप्ता ने बताया कि विभागीय सक्रियता के कारण बाढ़ की संभावना समाप्त हो गई है। लोग अब अमन चैन से अपने घरों को जा रहे हैं। सहायक अभियंता एपी चंद ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। जलस्तर घटने बाद भी लगातार तटबंध का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जलस्तर घटने से तटबंध डैमेज न होने पाए।
पौली प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार को घाघरा का जलस्तर 79.10 मीटर रिकार्ड किया गया। यह खतरे के निशान से 25 सेमी नीचे है। घाघरा के पानी एमबीडी बांध और नदी के बीच में बसे 22 गांव के लोग प्रभावित हुए हैं। पानी कम होने के बाद धीरे-धीरे लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। हालांकि अभी भी कुछ लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। वहीं बाढ़ से प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित गांव तेजपुर में एएनएम वंदना चौधरी के सहयोग से प्रधान ने गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ फॉगिंग भी कराई गई। लोगों से साफ- सफाई पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष कपिल कन्नौजिया ने सभी प्रधानों से गांव में गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से ग्रामीणों को बचाने के लिए फॉगिंग कराने की अपील की है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन सिंह यादव ने बताया कि राप्ती काफी घट गई है,लेकिन अभी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि घाघरा दो दिनों में काफी घटी है और खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे है। एडीएम एसएन शुक्ल ने बताया कि बीमा कंपनी के कर्मचारी बाढ़ से प्रभावित तीनों तहसीलों के 103 गांवों की सूची प्रशासन से प्राप्त करने के बाद फसलों को हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा हैं। सोमवार को राप्ती का जलस्तर 79.76 मीटर था, जो खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर अधिक है। लगातार घटते जलस्तर से बंधे पर दबाव कम हो रहा है। तटबंध पर आए लोग अपने घरों को लौट रहे हैं। तटबंध पर स्थित बढया ठाठर छावनी व स्टोर रूम पर अभी ड्रेनेज खंड के अधिकारी कैंप कर रहे हैं। इंद्रसेन सिंह, मानवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश यादव, दिलीप गुप्ता ने बताया कि विभागीय सक्रियता के कारण बाढ़ की संभावना समाप्त हो गई है। लोग अब अमन चैन से अपने घरों को जा रहे हैं। सहायक अभियंता एपी चंद ने बताया कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। जलस्तर घटने बाद भी लगातार तटबंध का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जलस्तर घटने से तटबंध डैमेज न होने पाए।
विज्ञापन
पौली प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार को घाघरा का जलस्तर 79.10 मीटर रिकार्ड किया गया। यह खतरे के निशान से 25 सेमी नीचे है। घाघरा के पानी एमबीडी बांध और नदी के बीच में बसे 22 गांव के लोग प्रभावित हुए हैं। पानी कम होने के बाद धीरे-धीरे लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। हालांकि अभी भी कुछ लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। वहीं बाढ़ से प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित गांव तेजपुर में एएनएम वंदना चौधरी के सहयोग से प्रधान ने गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ फॉगिंग भी कराई गई। लोगों से साफ- सफाई पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष कपिल कन्नौजिया ने सभी प्रधानों से गांव में गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से ग्रामीणों को बचाने के लिए फॉगिंग कराने की अपील की है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन सिंह यादव ने बताया कि राप्ती काफी घट गई है,लेकिन अभी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि घाघरा दो दिनों में काफी घटी है और खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे है। एडीएम एसएन शुक्ल ने बताया कि बीमा कंपनी के कर्मचारी बाढ़ से प्रभावित तीनों तहसीलों के 103 गांवों की सूची प्रशासन से प्राप्त करने के बाद फसलों को हुई क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
विज्ञापन