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कक्षाओं में कराएं प्रार्थना
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:32 PM IST
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संतकबीरनगर। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। डीएम के निर्देश के बाद डीआईओएस ने जिले के सभी प्रधानाचार्यों को प्रार्थना सभा न कराने का निर्देश देते हुए कहा है कि प्रार्थना कक्षाओं में करा लें।
डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि स्वाइन फ्लू बीमारी पर रोकथाम के लिए शासन गंभीर है। जिसके क्रम में डीएम के निर्देश पर सीएमओ पत्र जारी किया है। जिसमें बीमारी को दृष्टिगत रखते विद्यालयों में बच्चों को एकत्रित होने से बचने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही प्रार्थना सभाओं पर रोक लगाए जाने को कहा गया है। उन्होंने समस्त प्रधानाचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रार्थना सभाओं का आयोजन फील्ड में न करके कक्षावार शिक्षण कक्षों में ही करा लिया जाए। उपस्थिति के समय कक्षाध्यापक इस बात की पुष्टि कर ले कि किसी बच्चे में उक्त प्रकार के लक्षण तो नहीं है। यदि इस प्रकार के लक्षण पाए जाए तो बच्चे को तत्काल घर भेज दिया जाए और उसे कम से कम एक सप्ताह आराम करने की सलाह दी जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जहां तक संभव हो सके उसके अभिभावक को भी इस आशय की जानकारी दे दी जाए। साथ ही चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए बाध्य न किया जाए। इसके लिए विद्यालयों में जागरूकता पैैदा की जाए ताकि स्वाइन फ्लू बीमारी से बचाव किया जाए। डीआईओएस ने आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराए जाने को कहा है।
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डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि स्वाइन फ्लू बीमारी पर रोकथाम के लिए शासन गंभीर है। जिसके क्रम में डीएम के निर्देश पर सीएमओ पत्र जारी किया है। जिसमें बीमारी को दृष्टिगत रखते विद्यालयों में बच्चों को एकत्रित होने से बचने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही प्रार्थना सभाओं पर रोक लगाए जाने को कहा गया है। उन्होंने समस्त प्रधानाचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रार्थना सभाओं का आयोजन फील्ड में न करके कक्षावार शिक्षण कक्षों में ही करा लिया जाए। उपस्थिति के समय कक्षाध्यापक इस बात की पुष्टि कर ले कि किसी बच्चे में उक्त प्रकार के लक्षण तो नहीं है। यदि इस प्रकार के लक्षण पाए जाए तो बच्चे को तत्काल घर भेज दिया जाए और उसे कम से कम एक सप्ताह आराम करने की सलाह दी जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जहां तक संभव हो सके उसके अभिभावक को भी इस आशय की जानकारी दे दी जाए। साथ ही चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए बाध्य न किया जाए। इसके लिए विद्यालयों में जागरूकता पैैदा की जाए ताकि स्वाइन फ्लू बीमारी से बचाव किया जाए। डीआईओएस ने आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराए जाने को कहा है।
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