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20.50 लाख की दवा खरीद का हिसाब नहीं
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:34 AM IST
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जिला अस्पताल
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
जिला अस्पताल के पास दो सालों में हुई दवाओं की लोकल पर्चेज का हिसाब नहीं है। मंगलवार को इसका पर्दाफाश हुआ। एसआईसी के पूछने पर फॉर्मासिस्ट ने खरीदी गई दवाओं के रिकॉर्ड न होने की बात कही। मंगलवार को एसआईसी ने पर्चेज कमेटी की बैठक बुलाई थी, लेकिन कमेटी में शामिल दो लोगों के छुट्टी पर होने के कारण बैठक टाल दी गई। इससे दवाओं की सप्लाई करने वाली फर्म के बकाया भुगतान का मामला सुलझ नहीं सका।
बता दें कि बकाए के चलते 24 जून को लोकल पर्चेज पर दवा सप्लाई करने वाली फर्म ने दवा देने से मना कर दिया था। इसके चलते अस्पताल में दवाओं का संकट गहरा गया है। फर्म ने दवा के मद में 20.50 लाख रुपये की बकाया धनराशि का भुगतान मांगा था और कहा था कि भुगतान न होने पर दवाओं की आपूर्ति संभव नहीं है। पिछले वित्तीय वर्ष में साढ़े नौ लाख और वर्तमान में 11 लाख रुपये फर्म ने बकाया बताया था। समस्या सुलझाने के लिए एसआईसी ने अब 29 जून को पर्चेज कमेटी की बैठक बुलाई है।
जमकर हुई है नियमों की अनदेखी
जिला अस्पताल में गलत तरीके से सिटी स्कैन व एक्स-रे प्लेटें भी लोकल पर्चेज से मंगाई जा रही थीं। बकाए धनराशि की मांग को लेकर फर्म का पत्र आने पर इसकी जानकारी हुई तो एसआईसी ने लोकल पर्चेज पर सिटी स्कैन और एक्स-रे प्लेट की खरीद को नियम विरुद्ध बताया था।
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ऑडिट होगी तो फंसेगी कइयों की गर्दन
एसआईसी जांच कराने से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि, आगे लोकल पर्चेज में उन्होंने नियमों का सख्ती से पालन कराने की बात कही है। बताया कि ऑडिट होगी तो अनियमितता करने वाले खुद ही फंस जाएंगे। इसलिए अपनी ओर से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है।
जिला अस्पताल के पास दो सालों में हुई दवाओं की लोकल पर्चेज का हिसाब नहीं है। मंगलवार को इसका पर्दाफाश हुआ। एसआईसी के पूछने पर फॉर्मासिस्ट ने खरीदी गई दवाओं के रिकॉर्ड न होने की बात कही। मंगलवार को एसआईसी ने पर्चेज कमेटी की बैठक बुलाई थी, लेकिन कमेटी में शामिल दो लोगों के छुट्टी पर होने के कारण बैठक टाल दी गई। इससे दवाओं की सप्लाई करने वाली फर्म के बकाया भुगतान का मामला सुलझ नहीं सका।
बता दें कि बकाए के चलते 24 जून को लोकल पर्चेज पर दवा सप्लाई करने वाली फर्म ने दवा देने से मना कर दिया था। इसके चलते अस्पताल में दवाओं का संकट गहरा गया है। फर्म ने दवा के मद में 20.50 लाख रुपये की बकाया धनराशि का भुगतान मांगा था और कहा था कि भुगतान न होने पर दवाओं की आपूर्ति संभव नहीं है। पिछले वित्तीय वर्ष में साढ़े नौ लाख और वर्तमान में 11 लाख रुपये फर्म ने बकाया बताया था। समस्या सुलझाने के लिए एसआईसी ने अब 29 जून को पर्चेज कमेटी की बैठक बुलाई है।
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जमकर हुई है नियमों की अनदेखी
जिला अस्पताल में गलत तरीके से सिटी स्कैन व एक्स-रे प्लेटें भी लोकल पर्चेज से मंगाई जा रही थीं। बकाए धनराशि की मांग को लेकर फर्म का पत्र आने पर इसकी जानकारी हुई तो एसआईसी ने लोकल पर्चेज पर सिटी स्कैन और एक्स-रे प्लेट की खरीद को नियम विरुद्ध बताया था।
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ऑडिट होगी तो फंसेगी कइयों की गर्दन
एसआईसी जांच कराने से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि, आगे लोकल पर्चेज में उन्होंने नियमों का सख्ती से पालन कराने की बात कही है। बताया कि ऑडिट होगी तो अनियमितता करने वाले खुद ही फंस जाएंगे। इसलिए अपनी ओर से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है।