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जवाब नहीं मिला तो कांप्लेक्स सील करेगा जीडीए
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:20 AM IST
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गोरखपुर। भ्रष्टाचारी निलंबित एआरटीओ के अवैध कांप्लेक्स को लेकर जीडीए की तरफ से नोटिस जारी होने के चार दिन बाद भी उनके घर वालों या करीबियों की तरफ से कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई गई। प्राधिकरण का कहना है कि अगर तय समय के भीतर नोटिस का जवाब नहीं मिला तो कांप्लेक्स सील कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण को आशंका है कि कांप्लेक्स का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। इस आशंका को तब और बल मिल गया जब प्राधिकरण की तफ्तीश में ये बात सामने आई कि इस कांप्लेक्स को लेकर प्राधिकरण में वाद (संख्या 301/2005) भी दाखिल है। मुख्य अभियंता संजय सिंह के मुताबिक मानचित्र स्वीकृत न होने या फिर मानचित्र के मुताबिक निर्माण न होने पर इस तरह का वाद दाखिल किया जाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ओएन सिंह का कहना है कि कांप्लेक्स को लेकर नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन के भीतर अगर आरएस यादव की तरफ से कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किया जाता है तो प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई करेगा। बेतियाहाता में गड्ढे की जमीन पर 2004-05 में बना यह कांप्लेक्स निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के नाम से है। कांप्लेक्स में किराये पर यूनियन बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय होने के साथ ही दो और कंपनियों के कार्यालय और करीब आठ फ्लैट हैं।
तीन दिन पहले तक कांप्लेक्स में ही था परिवार
गोरखपुर। बेतियाहाता स्थत निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के कांप्लेक्स में ही उनका परिवार रहता था। सूत्रों के मुताबिक तीन दिन पहले तक उनके बच्चे व परिवार के कुछ सदस्य कांप्लेक्स के ऊपर स्थित फ्लैट में ही थे, मगर जीडीए की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद वे कहीं चले गए।
प्राधिकरण को आशंका है कि कांप्लेक्स का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। इस आशंका को तब और बल मिल गया जब प्राधिकरण की तफ्तीश में ये बात सामने आई कि इस कांप्लेक्स को लेकर प्राधिकरण में वाद (संख्या 301/2005) भी दाखिल है। मुख्य अभियंता संजय सिंह के मुताबिक मानचित्र स्वीकृत न होने या फिर मानचित्र के मुताबिक निर्माण न होने पर इस तरह का वाद दाखिल किया जाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ओएन सिंह का कहना है कि कांप्लेक्स को लेकर नोटिस जारी कर दिया गया है। 15 दिन के भीतर अगर आरएस यादव की तरफ से कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किया जाता है तो प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई करेगा। बेतियाहाता में गड्ढे की जमीन पर 2004-05 में बना यह कांप्लेक्स निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के नाम से है। कांप्लेक्स में किराये पर यूनियन बैंक का क्षेत्रीय कार्यालय होने के साथ ही दो और कंपनियों के कार्यालय और करीब आठ फ्लैट हैं।
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तीन दिन पहले तक कांप्लेक्स में ही था परिवार
गोरखपुर। बेतियाहाता स्थत निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के कांप्लेक्स में ही उनका परिवार रहता था। सूत्रों के मुताबिक तीन दिन पहले तक उनके बच्चे व परिवार के कुछ सदस्य कांप्लेक्स के ऊपर स्थित फ्लैट में ही थे, मगर जीडीए की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद वे कहीं चले गए।
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