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जरा सी बारिश में जीना हुआ दुश्वार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 15 Jun 2017 08:30 PM IST
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सब्जी मंडी में भरा पानी।
- फोटो : Amar Ujala
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बारिश के बाद सब्जी मंडी की हालत गुरुवार को बदहाल हो गई। फुटकर और थोक दुकानों के मालिक मंडी में पानी भरे होने, कीचड़ और गंदगी होने के कारण दुकानें नहीं खोल सके। गंदगी और जलभराव ने मालिकों को घर लौटने को मजबूर कर दिया। फिर न तो ट्रक वालों ने सामान उतारा और न ही व्यापारियों ने दुकानें खोलीं। इससे कामगार परेशान रहे।
मंडी की ये हालत मंगलवार हुई बारिश के बाद शुरू हुई। बुधवार रात की बारिश ने हालात और भी बदतर कर दिए। ‘अमर उजाला’ का कैमरा जब मंडी पहुंचा तो लोग अपनी-अपनी समस्याएं बताने लगे। पता चला कि वहां 15 दिन से कूड़ा उठाया ही नहीं गया था। इससे पूरा कचरा पानी में फैल गया था। जगह-जगह गोबर और गंदगी बिखरी थी। गंदे पानी में मच्छर के लार्वा भी पनपने लगे थे। ऐसी बदहाली में सब्जी मंडी के 150 के लगभग फुटकर और थोक दुकानें बंद रहीं।
व्यापारी रामाशीष, मयूर कुमार, वीरेंद्र, राम कुमार और विनोद दुबे ने बताया कि सुबह 6 बजे आए तो देखा कि मंडी में हर तरफ गंदा पानी भरा है। दुकानें खोलने की स्थिति नहीं थी। रितेश दुबे ने बताया कि बताया कि पानी निकास की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे हर बार यही समस्या बनती है। रामध्रुव चौधरी ने बताया कि ठेले, रिक्शा, हॉकर्स और छोटे दुकानदारों को ज्यादा नुकसान हुआ है। एक हजार के लगभग मजदूर बेकार हो गए हैं। हालात सुधरते चार-पांच दिन लग जाएंगे। घुटनों तक पानी भरा होने के कारण ट्रक सामान भी नहीं उतार सकते।
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निकासी की व्यवस्था नहीं
हर बारिश में यही समस्या होती है। कई बार मंडी समिति को कहा गया कि बारिश के दिनों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कराए, लेकिन कभी सुनवाई नहीं हुई। यहां युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। मंडी में 250 के करीब दुकानें हैं। .....
- विजय कुमार सोनकर, आम के व्यापारी
कीचड़ ने सताया
बारिश के कारण पूरी फल मंडी में कीचड़ जमा है। सुबह यहां पहुंचा तो हालत काफी खराब देखे। अब आने-जाने में कीचड़ से गंदे होने के डर सता रहा है। इसलिए दुकान पर ही बैठकर सारा काम निपटाया।
- गुलाब सोनकर, अनार के व्यापारी
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मंडी की ये हालत मंगलवार हुई बारिश के बाद शुरू हुई। बुधवार रात की बारिश ने हालात और भी बदतर कर दिए। ‘अमर उजाला’ का कैमरा जब मंडी पहुंचा तो लोग अपनी-अपनी समस्याएं बताने लगे। पता चला कि वहां 15 दिन से कूड़ा उठाया ही नहीं गया था। इससे पूरा कचरा पानी में फैल गया था। जगह-जगह गोबर और गंदगी बिखरी थी। गंदे पानी में मच्छर के लार्वा भी पनपने लगे थे। ऐसी बदहाली में सब्जी मंडी के 150 के लगभग फुटकर और थोक दुकानें बंद रहीं।
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व्यापारी रामाशीष, मयूर कुमार, वीरेंद्र, राम कुमार और विनोद दुबे ने बताया कि सुबह 6 बजे आए तो देखा कि मंडी में हर तरफ गंदा पानी भरा है। दुकानें खोलने की स्थिति नहीं थी। रितेश दुबे ने बताया कि बताया कि पानी निकास की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे हर बार यही समस्या बनती है। रामध्रुव चौधरी ने बताया कि ठेले, रिक्शा, हॉकर्स और छोटे दुकानदारों को ज्यादा नुकसान हुआ है। एक हजार के लगभग मजदूर बेकार हो गए हैं। हालात सुधरते चार-पांच दिन लग जाएंगे। घुटनों तक पानी भरा होने के कारण ट्रक सामान भी नहीं उतार सकते।
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निकासी की व्यवस्था नहीं
हर बारिश में यही समस्या होती है। कई बार मंडी समिति को कहा गया कि बारिश के दिनों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कराए, लेकिन कभी सुनवाई नहीं हुई। यहां युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। मंडी में 250 के करीब दुकानें हैं। .....
- विजय कुमार सोनकर, आम के व्यापारी
कीचड़ ने सताया
बारिश के कारण पूरी फल मंडी में कीचड़ जमा है। सुबह यहां पहुंचा तो हालत काफी खराब देखे। अब आने-जाने में कीचड़ से गंदे होने के डर सता रहा है। इसलिए दुकान पर ही बैठकर सारा काम निपटाया।
- गुलाब सोनकर, अनार के व्यापारी