{"_id":"5de2d0998ebc3e54f143b946","slug":"50-percent-amount-recovered-from-panchayats-gorakhpur-city-news-gkp331418992","type":"story","status":"publish","title_hn":"परफार्मेंस ग्रांट: 50 फीसदी पंचायतों से वापस वसूली गई रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परफार्मेंस ग्रांट: 50 फीसदी पंचायतों से वापस वसूली गई रकम
विज्ञापन
परफार्मेंस ग्रांट: 50 फीसदी पंचायतों से वापस वसूली गई रकम
गोरखपुर। पंचायतों को आवंटित वर्ष 2016-17 के परफार्मेंस ग्रांट के बंदरबांट को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर शुरू हुई सख्ती का असर जिले में भी दिखने लगा है। 50 फीसदी पंचायतों से इस ग्रांट की रकम वापस लेकर शासन को उपलब्ध करा दी गई है। रुपये नहीं लौटाने वाली पंचायतों को आवंटित 14वें वित्त आयोग की रकम खर्च करने पर रोक लगा दी गई है।
जिले की 47 ग्राम पंचायतों को परफार्मेंस ग्रांट के 23.97 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से नौ ग्राम पंचायतों ने एक भी रुपये खर्च नहीं किए जबकि 38 ग्राम पंचायतों ने खाते पर रोक के बाद भी 9.90 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर डाली थी। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक अब तक 22 गांवों से ग्रांट की पूरी रकम वसूल ली गई है जबकि 22 गांव से भी कुछ रकम वसूली गई है, लेकिन अभी पूरी वसूली नहीं हो पाई है। विभाग का दावा है कि अगले सप्ताह तक सभी से ग्रांट की पूरी रकम वसूल कर शासन को उपलब्ध करा दी जाएगी।
14वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से जिन पंचायतों को यह ग्रांट दी गई थी, उसमें अनियमितता के चलते प्रदेश सरकार ने खातों के संचालन पर ही रोक लगा दी थी। इस मामले की प्रदेश स्तर पर विजिलेंस जांच भी चल रही है। उधर, रकम वसूलने के साथ ही फिर से इसे पाने के लिए पंचायतों से आवेदन मांगे गए थे। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक 100 ग्राम पंचायतों ने परफार्मेंस ग्रांट के लिए दावेदारी की है।
विज्ञापन
दो प्रधान-सचिव पर हो चुकी है एफआईआर
रकम लौटाने में देर करने वाली कुछ पंचायतों के प्रधानों-सचिवों पर पहले भी सख्ती की जा चुकी है। करीब 60 लाख की मोटी रकम निकालने पर हाल ही में दो पंचायतों सरहरी और बिस्टौली के प्रधान-सचिव पर एफ आईआर होने के साथ ही सचिव को निलंबित भी किया जा चुका है।
जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर कमेटी गठित
परफार्मेंस ग्रांट के लिए फिर से आवेदन करने वाली पंचायतों के आवेदनों के परीक्षण के लिए जनपद स्तर पर तैनात कमेटी में सीडीओ की अध्यक्षता में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, डीएम द्वारा नामित एसडीएम तथा लेखा व वित्त विभाग के अधिकारी समेत तीन सदस्य होंगे। डीपीआरओ इस कमेटी के सचिव होंगे। इसी तरह पात्रता का निर्धारण करने के लिए राज्य स्तर पर निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
0
क्या है परफार्मेंस ग्रांट
जो ग्राम पंचायतें अपनी परिसंपत्तियों जैसे दुकान, तालाब का पट्टा, बाजार आदि सेे धन अर्जित करती हैं वह परफार्मेंस ग्रांट हासिल करने की पात्र होती हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 14वें वित्त के तहत यह ग्रांट मुहैया कराई जाती है, जिससे पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए जा सकते हैं।
परफार्मेंस ग्रांट की रकम सीधे शासन के एकाउंट में भेजी जाती है इसलिए अभी तत्काल के वास्तविक आंकड़े मिलना कठिन है। चार दिन पहले तक 22 गांवों से ग्रांट की पूरी रकम वसूली जा चुकी थी। करीब इतने ही और गांवों से वसूली की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही सभी संबंधित गांवों से ग्रांट की रकम वसूल ली जाएगी।
- हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ
विज्ञापन
गोरखपुर। पंचायतों को आवंटित वर्ष 2016-17 के परफार्मेंस ग्रांट के बंदरबांट को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर शुरू हुई सख्ती का असर जिले में भी दिखने लगा है। 50 फीसदी पंचायतों से इस ग्रांट की रकम वापस लेकर शासन को उपलब्ध करा दी गई है। रुपये नहीं लौटाने वाली पंचायतों को आवंटित 14वें वित्त आयोग की रकम खर्च करने पर रोक लगा दी गई है।
जिले की 47 ग्राम पंचायतों को परफार्मेंस ग्रांट के 23.97 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से नौ ग्राम पंचायतों ने एक भी रुपये खर्च नहीं किए जबकि 38 ग्राम पंचायतों ने खाते पर रोक के बाद भी 9.90 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर डाली थी। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक अब तक 22 गांवों से ग्रांट की पूरी रकम वसूल ली गई है जबकि 22 गांव से भी कुछ रकम वसूली गई है, लेकिन अभी पूरी वसूली नहीं हो पाई है। विभाग का दावा है कि अगले सप्ताह तक सभी से ग्रांट की पूरी रकम वसूल कर शासन को उपलब्ध करा दी जाएगी।
विज्ञापन
14वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज मंत्रालय की तरफ से जिन पंचायतों को यह ग्रांट दी गई थी, उसमें अनियमितता के चलते प्रदेश सरकार ने खातों के संचालन पर ही रोक लगा दी थी। इस मामले की प्रदेश स्तर पर विजिलेंस जांच भी चल रही है। उधर, रकम वसूलने के साथ ही फिर से इसे पाने के लिए पंचायतों से आवेदन मांगे गए थे। पंचायतीराज विभाग के मुताबिक 100 ग्राम पंचायतों ने परफार्मेंस ग्रांट के लिए दावेदारी की है।
विज्ञापन
दो प्रधान-सचिव पर हो चुकी है एफआईआर
रकम लौटाने में देर करने वाली कुछ पंचायतों के प्रधानों-सचिवों पर पहले भी सख्ती की जा चुकी है। करीब 60 लाख की मोटी रकम निकालने पर हाल ही में दो पंचायतों सरहरी और बिस्टौली के प्रधान-सचिव पर एफ आईआर होने के साथ ही सचिव को निलंबित भी किया जा चुका है।
जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर कमेटी गठित
परफार्मेंस ग्रांट के लिए फिर से आवेदन करने वाली पंचायतों के आवेदनों के परीक्षण के लिए जनपद स्तर पर तैनात कमेटी में सीडीओ की अध्यक्षता में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, डीएम द्वारा नामित एसडीएम तथा लेखा व वित्त विभाग के अधिकारी समेत तीन सदस्य होंगे। डीपीआरओ इस कमेटी के सचिव होंगे। इसी तरह पात्रता का निर्धारण करने के लिए राज्य स्तर पर निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
0
क्या है परफार्मेंस ग्रांट
जो ग्राम पंचायतें अपनी परिसंपत्तियों जैसे दुकान, तालाब का पट्टा, बाजार आदि सेे धन अर्जित करती हैं वह परफार्मेंस ग्रांट हासिल करने की पात्र होती हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 14वें वित्त के तहत यह ग्रांट मुहैया कराई जाती है, जिससे पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए जा सकते हैं।
परफार्मेंस ग्रांट की रकम सीधे शासन के एकाउंट में भेजी जाती है इसलिए अभी तत्काल के वास्तविक आंकड़े मिलना कठिन है। चार दिन पहले तक 22 गांवों से ग्रांट की पूरी रकम वसूली जा चुकी थी। करीब इतने ही और गांवों से वसूली की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही सभी संबंधित गांवों से ग्रांट की रकम वसूल ली जाएगी।
- हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ